100 बाल वैज्ञानिकों ने प्रस्तुत किए लघु शोध पत्र, भावी वैज्ञानिक की दिखी झलक
31वां राज्य स्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस

मिर्जापुर: राज्य स्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस के दूसरे दिन शनिवार को 100 बाल वैज्ञानिको ने लघु शोध पत्र प्रस्तुत किए।
कहकशा नूरी बहराइच ने बायो फर्टिलाइजर इज द वे ऑफ़ रिवोल्यूशन,बिरजू प्रसाद देवरिया ने विशिष्ट पराग गण का विशिष्ट फूलो के साथ संबंध,अंशिका दुबे मिर्जापुर ग्राम देवरी में पथरी की विशेष समस्या का अध्ययन ,गीतांजलि बाराबंकी मीताई गांव में बाल झड़ने की समस्या,समर्थ गुप्ता अयोध्या में जल के प्रदूषण को कम करने का अध्ययन,अनन्या पाठक कुशीनगर बायो डिजरजेंट के प्रदूषण को रोकने के उपाय,प्राची त्रिपाठी सिद्धार्थ नगर ने कचरा निस्तारण एवम प्रबंधन से समाज एवम परितंत्र को लाभ,आराध्य चौरसिया अंबेडकर नगर आई फ्लू का स्थानीय समस्या का अध्ययन,सारिका वर्मा जौनपुर ने जंक फूड और न्यूट्रीशन फूड में संबंध,नव्या कौशिक देवरिया ने कदंब के पेड़ न्यूट्रीशन और मेडिसिनल वैल्यू ,विजय कुमार चंदौली सूखे की स्थिति का अध्ययन,पायल सिंह बलिया ने अनहेल्थी जंक फूड के विकल्प में मिलेट्स,हिमेश कुमार कौशांबी में ग्राम पहाड़ पुर में गौरैया की कम होती संख्या का अध्ययन एवम वृद्धि हेतु नवाचार,रेशम चौधरी महराजगंज ने युवाओं और किशोर में बदलती भोजन प्रवृत्ति,मुकेश बलरामपुर मच्छररोधी पौधों की खोज प्रस्तुत किया। इस तरह की कुल 100 बाल वैज्ञानिकों ने अपने लघुशोध पत्र विभिन्न विषयों पर प्रस्तुत किए।




