Indian News

#कोरोना संकट: विश्वविद्यालयों के लिए चुनौती बनती ऑनलाइन परीक्षाएं

आशुतोष शुक्ला( नई दिल्ली). कोरोना ने जहां लोगों को घरों में स्तब्ध कर दिया है. वहीं, शिक्षा व्यवस्था को भूतल से ऊपर तक गतिहीन बना दिया है. ऐसे में ऑनलाइन शिक्षण निश्चय ही एक समाधान बनकर उभरी है. हालांकि, तकनीकी संसाधनों के अभाव के कारण इसे अपने लक्ष्य तक पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं दिखता. सरकार के सामने बड़ी चुनौती शैक्षणिक गतिविधियों को जारी रखने और परीक्षाओं को समय पर कराने की है. इसमें शैक्षणिक गतिविधियां तो काफी हद तक शुरू भी हो गई हैं, लेकिन समस्या यह है कि परीक्षाएं कैसे कराई जाएं? हालांकि, मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने इस दौरान ऑनलाइन परीक्षा जैसी संभावनाओं को लेकर एक उच्चस्तरीय कमेटी भी गठित की है।

इसके जो शुरुआती रुझान सामने आए हैं, उसमें यह भी आसान नहीं लग रही है. इसलिए, भी कठिन है क्योंकि देश के ज्यादातर विश्वविद्यालयों और कालेजों के पास आईटी का कोई मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर ही नहीं है जिसके जरिए परीक्षाएं संपन्न हो। हालांकि, इस बीच जेईई मेंस या दूसरी प्रतियोगिता प्रतियोगी परीक्षाओं की तरह आईटी क्षेत्र की निजी कंपनियों की मदद से इन्हें कराए जाने की चर्चा हुई लेकिन मौजूद स्थिति में लॉक डाउन के चलते कंपनियां भी बंद पड़ी हैं. साथ ही, विश्वविद्यालय स्तर पर ऐसी आईटी कंपनियों की मदद से ऑनलाइन परीक्षाओं का आयोजन एक महंगा कदम होगा. यूजीसी से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, मौजूदा परिस्थितियों में ऑनलाइन परीक्षाएं नहीं हो सकती हैं. ऐसे में लॉकडाउन खत्म होने का इंतजार किया जा रहा है. विश्वविद्यालयों को पूरी तैयारी रखने को कहा गया है. फाइनल ईयर की परीक्षाओं को सर्वप्रथम कराया जाने की उम्मीद है. जिससे निष्कर्ष आते ही छात्र अपने नए अवसरों की खोज में लग जाए. इसमें संशय नहीं कि कई विश्वविद्यालयों ने इसमें अपनी रुचि भी दिखाई है और तत्परता से कार्य कर रहे हैं. दूसरे छोर पर छात्र और अभिभावक भी इससे संतुष्ट दिखाई दे रहे हैं. ऑनलाइन शिक्षण निश्चित रूप से एक बेहतर समाधान सिद्ध हो रहा है. लेकिन इसमें अभी भी परिवर्तनों की आवश्यकता है जो शीघ्र होते नहीं दिख रहे हैं.

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
%d bloggers like this: