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सैनिटाइजेशन में लापरवाही पर सख्त होता विश्वविद्यालय प्रशासन

नई दिल्ली. यूपी के सैफई आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में कोरोना महामारी के बीच सैनिटाइजेशन में लापरवाही सैनिटाइजेशन कमेटी को भारी पड़ी। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई के कोविड-19 हॉस्पिटल में मरीजों को देर से भर्ती करने और वार्ड में अव्यवस्था पर कुलपति ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने सैनिटाइजेशन कमेटी को निलंबित करने के साथ ही नोडल अधिकारी व ड्यूटी डॉक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

बीते 23 अप्रैल को आगरा से 70 कोरोना संक्रमित मरीजों को कोविट 19 अस्पताल भेजा गया था। देरी से अस्पताल में भर्ती करने के कारण कई संक्रमित बाहर घूमते रहे. करीब 2 घंटे बाद उन्हें भर्ती किया जा सका वहां भर्ती कुछ लोगों ने ठीक खाना नहीं मिलने डॉक्टर के नहीं आने और गंदगी की शिकायत पर कई वीडियो वायरल किए थे।

समीक्षा के लिए गठित समिति 24 घंटे में देगी रिपोर्ट
इस पर कुलपति डॉ राजकुमार ने बताया कि नोडल अधिकारी व उस दिन की ड्यूटी डॉक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सैनिटाइजेशन कमेटी के चार सदस्यों में से किसी ने भी अस्पताल जाकर मरीजों की समस्या का समाधान नहीं किया था। इसलिए कमेटी निलंबित कर जांच बैठा दी गई है। वही व्यवस्था सुचारू रूप से चलाई जा सके इसके लिए दूसरी सैनिटाइजेशन कमेटी गठित की जाएगी. उस दिन ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों ने हर मरीज की स्थिति की जानकारी ली या नहीं इसके लिए जांच कमेटी गठित की गई है जो कि 24 घंटे में अपनी अंतिम रिपोर्ट देगी।

करेंगे प्लाज्मा डोनेट –
महामारी कोरोना को मात देने वाला परिवार अब दूसरों की जिंदगी बचाने का प्रयास करेगा . शासन ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कोरोना मुक्त हो चुके सुभाष नगर निवासी परिवार से ब्लड प्लाज्मा देने के लिए बात करने को कहा था इस पर जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ रंजन गौतम ने उनसे बात की थी. जिसपर परिवार प्लाज्मा डोनेट करने के लिए तैयार हो गया है. अब उससे दूसरे मरीजों की जान बचाने का प्रयास किया जाएगा।

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