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टीवी चैनल के माध्यम से घर-घर पहुंचेगी शिक्षा, 100 विश्वविद्यालयों को ऑनलाइन कोर्स शुरू करने की मिलेगी अनुमति

 

नई दिल्ली. कोविड-19 महामारी ने वैश्विक रूप से हर क्षेत्र को प्रभावित किया है. आर्थिक, राजनैतिक, शैक्षिक कोई भी क्षेत्र इससे अछूता नहीं रहा. दैनिक जीविका कमाने वालों की तो मानो रीढ़ की हड्डी टूट गई है।
, लेकिन शैक्षणिक क्षेत्र के लिए यह एक नए युग का आरंभ है. कम से कम भारत में सरकार के कदमों से तो ऐसा ही मालूम हो रहा है.

शैक्षणिक क्षेत्र तो मानिए ट्रांसफॉरमेशन के दौर से गुजर रहा है। इसी क्रम में कोरोना महामारी ने शैक्षिक जगत के सामने जो चुनौती खड़ी की उसे देखते हुए अब सरकार ऑनलाइन शिक्षा में बड़ी छलांग लगाने की तैयारी में है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को आर्थिक पैकेज के साथ इन कदमों का भी ऐलान किया। इसके तहत ई-विद्या नाम से एक नया ऑनलाइन प्लेटफॉर्म लांच किया जाएगा। इसमें स्कूली शिक्षा को ऑनलाइन और डिजिटल माध्यम से जोड़ने के लिए 12 नए चैनल लॉन्च किए जाएंगे। इसके तहत पहली से लेकर बारहवीं तक के लिए एक-एक चैनल होगा। उच्च शिक्षा में स्तब्ध हुई शिक्षण व्यवस्था को गति देने के लिए विश्वविद्यालयों को भी ऑनलाइन शिक्षा की बूस्टर डोज़ दी जाएगी।

इसके तहत राष्ट्रीय रैंकिंग के आधार पर देश के शीर्ष के 100 विश्वविद्यालयों को ऑनलाइन कोर्स शुरू करने की भी अनुमति मिलेगी।
मौजूदा जरूरत को समझते हुए मानव संसाधन विकास मंत्रालय पहले ही भारत पढ़ें ऑनलाइन का नारा बुलंद कर चुका है। देश के करीब 25 करोड़ स्कूली बच्चों को ध्यान में रखते हुए टेलीविजन और अलग-अलग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के साथ ही रेडियो और कम्युनिटी रेडियो के जरिए भी छात्रों को पढ़ाने की तैयारी है। इसके इसके साथ दिव्यांग जनों के लिए भी अलग से कंटेंट तैयार किया जा रहा है। फिलहाल ऑनलाइन के लिए ज्यादातर कंटेंट को भी तैयार करने का जिम्मा एनसीईआरटी को सौंपा गया है। शुरू होने वाले नए 12 नए चैनल के लिए भी एन आई एन सी ई आर टी इ कंटेंट तैयार करने का काम कर रहा है। तरह से यह चैनल सातों दिन चौबीसों घंटे अनवरत प्रसारित होंगे।

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