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विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता हुई श्रेणीबद्ध

नई दिल्ली।

नैक की सूची में विश्वविद्यालयों की खराब स्थिति के बाद विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता पर मानो प्रश्न चिन्ह लग गया है। ऐसे में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार की प्रक्रिया जोर पकड़ती जा रही है l इसी क्रम में मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा घोषित रैंकिंग ने छात्रों की परेशानियों को सहज करने का सार्थक प्रयास किया है। सरकार ने एन आर आई एफ -नेशनल इंस्टीट्यूट रैंकिंग फ्रेमवर्क 2020 में कॉलेज विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग मेडिकल मैनेजमेंट फार्मेसी लॉ सहित 10 श्रेणियों में श्रेष्ठ संस्थानों की सूची घोषित की गई है। 10 वर्गों में जारी हुई रैंकिंग के लिए 3771 संस्थानों ने हिस्सा लिया था। टीम ने संस्थानों को विभिन्न कसौटी पर परखा। इसके बाद रैंक जारी की गई है। इंजीनियरिंग में आईआईटी मद्रास में पहला, आईआईटी दिल्ली दूसरा, आईआईटी बॉम्बे ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है।

मैनेजमेंट में आईआईएम अहमदाबाद में पहला आई आई एम बेंगलूर ने दूसरा व आईआईएम कोलकाता ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है। फार्मेसी श्रेणी में जामिया हमदर्द दिल्ली पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ वन नेशनल इंस्टीट्यूट आफ फार्मास्यूटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च महोली ने क्रमश पहला दूसरा व तीसरा स्थान प्राप्त करने में सफल रहे।

विश्वविद्यालय व कॉलेज चेन्नई में शिक्षार्थियों को होगा सीधा लाभ –
वास्तव में एडमिशन की प्रक्रिया के दौरान छोटे-छोटे कॉलेज व विश्वविद्यालय सक्रिय हो जाते हैं। उनके द्वारा ऑनलाइन माध्यम से झूठे और मन लुभावने प्रचार शुरू कर दिए जाते हैं। प्लेसमेंट के झूठे दावे करते हुए हैं। बड़ी संख्या में शिक्षार्थी उनके जाल में फंस जाते हैं। ऐसे समय पर विश्वविद्यालयों के प्रति कोई कसौटी नहीं होती। ऐसी समस्या से उबरने के लिए ही विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को श्रेणियों में बांटा गया है जिससे छात्र उनकी गुणवत्ता सहजता से जांच सके और अपनी इच्छा अनुसार सही जगह का चुनाव कर सकें।

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