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विदेशों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों के लिए बड़ा फैसला, यूनिवर्सिटी लेंगी अंतिम वर्ष की परीक्षा

नई दिल्ली।

विदेशों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों के लिए बड़ा फैसला लिया गया है। भारतीय छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखकर और उच्च शिक्षा के चलते कॉलेजों में अंतिम वर्ष की परीक्षा लेने का फैसला लिया गया है। दरअसल कोविड-19 महामारी के बीच यूरोप और एशिया की अधिकतर यूनिवर्सिटी अंतिम वर्ष के छात्रों की परीक्षा आयोजित कर रही है। ऐसे में यदि भारतीय विश्वविद्यालय परीक्षा नहीं लेते तो इससे छात्रों को ही भविष्य में परेशानी होती। इसलिए अब भारतीय छात्रों की भी परीक्षा ली जाएगी।

यूजीसी के सचिव प्रो. रजनीश जैन के मुताबिक, विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में अंतिम वर्ष की परीक्षा करवायी जाए या नहीं, इस पर विस्तार से चर्चा के बाद फैसला लिया गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और मानव संसाधन विकास मंत्रालय के साथ-साथ विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में शामिल थे। कोविड-19 पर भारत समेत दुनियाभर के देशों की शिक्षा के फैसले को भी परखा गया।

ये यूनिवर्सिटी ले रही परीक्षा –
ऑक्सफोर्ड,एमआईटी,कैंब्रिज के साथ एमआईटी(यूएसए), यूनिवर्सिटी ऑफ कैब्रिज,इंपीरियल कॉलेज ऑफ लंदन (यूके),यूनिवर्सिटी ऑफ टोरेंटो और एसीमॉस्टर(कनाडा),यूनिवर्सिटी ऑफ  (जर्मनी),यूनिवर्सिटी ऑफ हांगकांग, नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर समेत कई अन्य बड़ी यूनिवर्सिटी फाइनल ईयर की परीक्षा ले रही है। इसमें ऑफलाइन, ऑनलाइन और ब्लेंडेड (मिश्रित विधि) का प्रयोग किया गया है।

सूत्रों की माने तो अंतिम वर्ष की परीक्षा के लिए सीटिंग प्लान भी तैयार कर लिया गया है। अभी छात्र, शिक्षक और अभिभावक इसे गलत फैसला मान रहे हैं। हालांकि यह छात्रों की बेहतरी और हित में है। विदेशी यूनिवर्सिटी और देशों ने भी इन्हीं हितों को ध्यान में रखकर फैसला लिया है। क्योंकि फाइनल ईयर की डिग्री के आधार पर नौकरी, उच्च शिक्षा, स्कॉलरशिप, अवार्ड की दावेदारी होती है। परीक्षा के आधार पर प्राप्त डिग्री पर कभी कोई सवाल नहीं उठते है। परीक्षा के फैसले के साथ-साथ सीटिंग  प्लान भी तैयार किया गया है।

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