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राहुल गांधी ने यूजीसी पर लगाया भ्रम फैलाने का आरोप, कहा परीक्षा के बदले प्रमोट करना बेहतर विकल्प

नई दिल्ली।

चुनौती बनी विश्वविद्यालयों की परीक्षाओं के बीच लगातार उहापोह और असमंजस का दौर जारी है। ऐसे में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शिक्षार्थियों का समर्थन करते हुए विश्वविद्यालय से इस वर्ष विश्वविद्यालयों की परीक्षाएं रद्द करने की मांग की है।

कोरोना संक्रमण के लगातार विस्तार को देखते हुए राहुल गांधी ने भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय और यूजीसी से शिक्षार्थियों को पुराने प्रदर्शन को देखते हुए पास करने का निवेदन किया है। यूजीसी पर भ्रम पैदा करने का आरोप लगाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि कोरोना संकट में परीक्षा कराना अनुचित होगा। यूजीसी को शिक्षार्थियों की आवाज सुननी चाहिए। एक वीडियो संदेश में राहुल ने कहा है कि कोरोना से कई लोगों का नुकसान पहुंचा है। ऐसे में यदि परीक्षाएं होंगी तो संक्रमण के फैलने की संभावना है।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा कि कोरोना महामारी के मद्देनजर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) को परीक्षाएं रद्द कर विद्यार्थियों को उनके पिछले प्रदर्शन के आधार पर अगले शैक्षणिक सत्र के लिए प्रोन्नत कर देना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस की ओर से सोशल मीडिया पर चलाए गए ‘स्पीक अप फॉर स्टूडेंट्स अभियान के तहत वीडियो जारी कर यह आरोप भी लगाया कि यूजीसी भ्रम की स्थिति पैदा कर रहा है। राहुल गांधी ने कहा, ‘कोविड ने बहुत लोगों को नुकसान पहुंचाया है। स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय के हमारे छात्रों को बहुत कष्ट सहना पड़ा है। कोरोना महामारी के बीच परीक्षाएं कराना पूरी तरह अनुचित है।’

  • उन्होंने आरोप लगाया, ‘आईआईटी और कई कॉलेजों ने परीक्षा रद्द कर बच्चों को प्रोन्नति दी है, लेकिन यूजीसी भ्रम की स्थिति पैदा कर रही है।’
  • उन्होंने कहा कि यूजीसी को विद्यार्थियों की आवाज सुननी चाहिए और परीक्षाएं रद्द कर उन्हें उनके पिछले प्रदर्शन के आधार पर प्रोन्नति देनी चाहिए।
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