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जाँच की आंच महाविद्यालयों तक पहुंचीं, प्राचार्यों संग प्रोफेसरों के शैक्षिक अभिलेखों की होगी जाँच

लखनऊ।

फर्जी नियुक्ति के मामले बेसिक शिक्षा विभाग में मिलने की आंच अब महाविद्यालयों तक पहुंच गई है। अब इसमें प्राचार्य से लेकर प्रोफेसरों के शैक्षिक अभिलेखों का सत्यापन होगा। जिसके लिए डीएम जल्द एक समिति गठित करेंगे। जाँच में ही सभी के शैक्षिक अभिलेखों का सत्यापन किया जायेगा, तथा उक्त आधार पर ही आगे की कार्यवाही की जाएगी।

शैक्षिक अभिलेखों की जांच शुरू –
विद्यालयों में फर्जी अभिलेखों पर नौकरी का मामला प्रकाश में आने के बाद योगी सरकार ने महाविद्यालय स्टाफ के शैक्षिक अभिलेखों की जांच करानी शुरू कर दी है। इसके लिए शासन की ओर से महाविद्यालयों को पत्र भेज गया है। इसमें लिखा है कि यदि किसी को प्रोफेसर आदि की नियुक्ति गलत तरीके से होने की शंका है तो वह इसकी शासन से शिकायत कर सकता है। शैक्षिक अभिलेखों की जांच को लेकर आए पत्र से महाविद्यालय स्टाफ में खलबली मच गई। प्रोफेसरों का कहना है कि शैक्षिक प्रपत्रों की जांच से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन बेसिक विभाग की श्रेणी में उच्च शिक्षा की गिनती करना सही नहीं है।

टीम करेगी जाँच –
बताते चलें कि वाईडी कॉलेज प्राचार्य डॉ. डीएन मालपानी ने बताया कि शासन से पत्र मिला है। इसके लिए डीएम साहब की अध्यक्षता में एक टीम गठित होगी। वहीं शैक्षिक अभिलेखों की जांच पड़ताल करेगी। तथा जांच में अभिलेख यदि फर्जी मिले तो संबंधित पर मुकदमा दर्ज होने के साथ वेतन की रिकवरी होगी।

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