Indian News

राष्ट्रीय लोकदल के प्रवक्ता ने कहा, एग्जाम की गाइडलाइंस नितान्त अव्यवहारिक, विश्वविद्यालयों की अंतिम वर्ष की परीक्षाएं भी निरस्त हों

लखनऊ।

राष्ट्रीय लोकदल के प्रवक्ता अनिल दुबे ने प्रदेश में लगातार बढ़ती हुई कोरोना महामारी के कारण विश्वविद्यालयों में अंतिम वर्ष की परीक्षाएं कराने की योजना को भी निरस्त करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि छात्रों के स्वास्थ्य की चिंता न करते हुए अंतिम वर्ष की परीक्षाओं के आयोजन को जरूरी बताने का यूजीसी का फैसला नितान्त अव्यवहारिक है।

उन्होंने कहा कि यदि अंतिम वर्ष के छात्रों की परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं तो बढ़ती हुई महामारी उनके लिए खतरनाक सिद्ध हो सकती है। देश के कई राज्यों ने परीक्षा कराने के यूजीसी के निर्णय को गलत बताते हुए परीक्षा कराने से मना कर दिया है। सरकार को यह भी देखना चाहिए कि छात्र अपने अपने घरों को जा चुके हैं और कई महीने से कोरोना की भयावह स्थिति से चिन्तित होने के कारण शैक्षिक वातावरण से दूर हैं। आवागमन के साधन भी सुचारु रूप से उपलब्ध नहीं हैं।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
%d bloggers like this: