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सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को मेडिकल दाखिले में मिलेगा आरक्षण, तमिलनाडु सरकार का बड़ा फैसला

नई दिल्ली।

राज्य सरकारें हमेशा से ही अपने यहां के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करती रहती है। बच्चों को बेहतर शिक्षा के साथ नए-नए अवसर देते रहने से विद्यार्थियों को सरकारी स्कूलों में बेहतर महौल मिलता है। ऐसे में अब तमिलनाडु सरकार ने अपने यहां सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी दी है। यहां सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को मेडिकल के स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिले के दौरान 7.5 फीसदी आरक्षण प्रदान किया जाएगा। यह फैसला कैबिनेट ने लिया है। कोटे का यह प्रावधान मौजूदा आरक्षण के भीतर किया गया है। इससे स्कूलों में विद्यार्थियों को मेडिकल दाखिले की ओर प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगा।

NEET पास करना अनिवार्य –
तमिलनाडु में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए आरक्षण की यह व्यवस्था राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) को पास करने के बाद ही लागू होगी। गौरतलब है कि मेडिकल में प्रवेश के लिए नीट प्रवेश परीक्षा में पास होना अनिवार्य है। कहा जा रहा है कि ‘कोटा के भीतर कोटा’ की यह व्यवस्था निजी कॉलेजों की सरकारी सीटों पर लागू होगी। इससे पहले तमिलनाडु सरकार ने छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले विद्यार्थियों के लिए नीट से राहत प्रदान करने की मांग की थी। हालांकि, द्रमुक समेत अन्य विपक्षी दलों ने इसकी आलोचना की थी। इस साल नीट की परीक्षा सितंबर में है। NEET की परीक्षा 154 केंद्रों पर होगी और 15 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी इस परीक्षा को देंगे। 1632 कॉलेजों में इस प्रवेश परीक्षा के जरिए विद्यार्थियों को मेडिकल कोर्स में दाखिला मिलेगा। इस परीक्षा को देने वाले अभ्यर्थियों की न्यूनतम उम्र 17 साल और अधिकतम उम्र 25 साल से कम होनी चाहिए। NEET में सफलता के लिए जनरल कैटिगिरी के अभ्यर्थियों को 50 फीसदी नंबर और पीडब्ल्यू कैटिगिरी के अभ्यर्थियों को 45 फीसदी एवं एससी/एसटी/ओबीसी कैटिगिरी के अभ्यर्थियों को 40 फीसदी नंबर लाना अनिवार्य है।

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