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जेईई अडवांस्ड 2020 के सिलेबस को लेकर सभी अटकलों पर आयोजक चेयरमैन ने दिया ये बयान

 

नई दिल्ली।

कोरोना वायरस महामारी के कारण शैक्षणिक सत्र शुरू होने में हो रही देरी के कारण केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने कक्षा 9वीं से लेकर 12वीं तक के सिलेबस को कम करने का फैसला लिया था। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने अपने नवीन शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए कक्षा 9वीं से लेकर 12वीं तक के सिलेबस को कम कर दिया था। सीबीएसई के इस फैसले के बाद मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं नीट (NEET) और जेईई मेन (JEE Main) को लेकर भी सवाल उठने लगे थे। ऐसे में जेईई अडवांस्ड 2020 के सिलेबस को लेकर इसके आयोजक चेयरमैन ने सभी अटकलों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा है कि जेईई अडवांस्ड 2020 की प्रवेश परीक्षा के सिलेबस में कटौती की बहुत कम गुंजाइश है।

  • बताते चलें कि नीट और जेईई मेन में पूछे जाने वाले ज्यादातर सवाल 9वीं से 12वीं तक के सिलेबस से ही पूछे जाते हैं। ऐसे में जब देश का सबसे बड़ा स्कूल एजुकेशन बोर्ड अपने सिलेबस को 30 फीसदी तक कम कर रहा है, तो जाहिर है इसका असर नीट व जेईई मेन पर भी पड़ेगा। जिसे लेकर सवाल उठ रहे थे।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, मीडिया रिपोर्ट्स के उलट, जेईई अडवांस्ड 2020 के चेयरमैन सिद्धार्थ पाण्डेय ने स्पष्ट कर दिया है कि सिलेबस कटौती जैसा कोई कदम नहीं उठाया जाएगा। उन्होंने बताया कि चूंकि जेईई मेन का पहला चरण जनवरी में पहले हो चुका है और छात्रों को साल की शुरुआत से ही अच्छी तरह से सिलेबस के बारे में पता है। उन्होंने बताया, ‘मार्च 2020 में महामारी का मामला सामने आया है। उसके बाद जेईई मेन के दूसरे चरण और अडवांस्ड को स्थगित किया गया। इससे पहले जेईई का एक चरण हो चुका है। सिलेबस कटौती हमारे एजेंडा में शामिल नहीं है।’

जेईई अडवांस्ड 2020 के चेयरमैन सिद्धार्थ पाण्डेय, जो आईआईटी दिल्ली के भी प्रोफेसर हैं, ने बताया कि संयुक्त प्रवेश बोर्ड की समीक्षा मीटिंग में मुख्य रूप से सितंबर में परीक्षा कराते समय स्वास्थ्य और सामाजिक दूरी के नियमों को लागू करने और छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखने पर चर्चा होगी। आईआईटी प्रवेश परीक्षा के लिए बोर्ड एग्जाम के मार्क्स की अनिवार्यता समाप्त कर सकते हैं। इस मामले पर भी चर्चा हो सकती है। सीबीएसई और सीआईएससीई समेत कई बोर्डों ने परीक्षा रद्द होने की स्थिति में मूल्यांकन की खास योजना पर अमल किया है, ऐसे में आईआईटी प्रवेश के लिए मार्क्स की अनिवार्यता समाप्त करने पर गौर कर सकता है।

CBSE के सिलेबस में हुयी थी कटौती –
कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए देश भर में किए गए लॉकडाउन की वजह से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हुई है। छात्रों का बोझ कम करने के लिए सीबीएसई ने सिलेबस में कटौती करने का फैसला लिया है। सीबीएसई के फैसले को देखकर अनुमान जताया जा रहा है कि जेईई मेन, जेईई अडवांस्ड और नीट के सिलेबस में भी कटौती हो सकती है।

 

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