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विदेश में पढ़ाई के लिए हाईकोर्ट पहुंची छात्रा, मामला मेडिकल काउंसिल के पास

नई दिल्ली। एक महिला मेडिकल अप्रेंटिस ने विदेश में पढ़ाई करने के लिए उसे पूर्व अपेक्षिप नीट योग्यता के बिना पात्रता प्रमाण पत्र देने के लिए अधिकारियों को निर्देश देने के लिए हाईकोर्ट में गुहार लगाई है।

याचिका में छात्र छात्र ने कहा कि वह उज्बेकिस्तान से पढ़ाई करना चाहती है और यह कोर्स जल्द शुरू होने वाला है। इस याचिका पर हाईकोर्ट ने मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को विचार करने के लिए कहा है। न्यायमूर्ति वी कामेश्वर राव की एकल पीठ ने मेडिकल अप्रेंटिस की ओर से दायर याचिका पर कहा कि अप्रेंटिस ने हाईकोर्ट में याचिका दायर करने से पहले संबंधित विभाग से कोई संपर्क नहीं किया। इसके बाद पीठ ने स्वास्थ्य मंत्रालय को नोटिस जारी करके इस संबंध में तीन सप्ताह के भीतर निर्णय लेने के लिए कहा है।

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याचिकाकर्ता ने कहा कि वह उज्बेकिस्तान के बुखारा स्टेट मेडिकल इंस्टीट्यूट से मेडिकल में स्नातक की पढ़ाई करना चाहती है। वहां इस कोर्स के लिए आवेदन करने के लिए आखिरी तारीख 20 अगस्त है और भारतीय छात्रों के दाखिल के लिए नीट योग्यता पात्रता अनिवार्य है। छात्रा ने कहा कि भारत में कोविड-19 महामारी के कारण नीट परीक्षा 13 सितम्बर में होनी निर्धारित है और इस आधार पर वह किसी भी हालत में विदेश में पढ़ाई के लिए आवेदन करने के लिए योग्य नहीं हो सकती।

इसलिए उसे नीट योग्यता के संबंध में पूर्व अपेक्षित नीट योग्यता परीक्षा के बिना पात्रता प्रमाण देने के लिए एमसीआई को निर्देश दिए जाएं, ताकि वह अपनी पढ़ाई के लिए आवेदन कर सके।

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