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विश्व पर्यटन दिवस पर ऑनलाइन बनाना सिखाए गए हिमाचल व केरल के व्यंजन

नई दिल्ली।

विश्व पर्यटन दिवस पर राजकीय पीजी महाविद्यालय, बिलासपुर में ऑनलाइन माध्यम से हिमाचल व केरल राज्य के स्थानीय व्यंजनों की जानकारी व बनाने की विधि साझा की गई। कार्यक्रम में एक भारत श्रेष्ठ भारत क्लब समन्वयक डॉ. पूनम धीमान ने केरल राज्य से संबंधित रस्म व्यंजन बनाने की विधि ऑनलाइन छात्र-छात्राओं के साथ साझा की। बीएससी तृतीय वर्ष की छात्रा शालिनी शर्मा ने केरल राज्य से संबंधित उपमा व्यंजन बनाया। वहीं बीएससी तृतीय वर्ष की मधुबाला ने पतेड़, बीवॉक हॉस्पेटलिटी एंड टूरिज्म की प्रथम सेमेस्टर की छात्रा तेज कुमारी ने सांभर, फरहीन ने डोसा, पांचवें सेमेस्टर की छात्रा अतिक्षा ने बिलासपुर के स्थानीय व्यंजन बनाने की जानकारी साझा की।

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ग्रामीण परिवेश के ऊपर डाक्युमेंटरी साझा की –
विश्व पर्यटन दिवस 2020 के थीम “पर्यटन व ग्रामीण विकास” पर विद्यार्थियों को अपने आसपास के प्रमुख स्थलों पर डाक्युमेंटरी बनाने का कार्य दिया गया जिसमें वोकेशनल विभाग के छात्र सय्यद ने बिलासपुर के प्रसिद्ध नलवाड़ी मेले पर तथा रचना कुमारी और भूपेंद्र ने ग्रामीण परिवेश के ऊपर डाक्युमेंटरी साझा की। वोकेशनल विभाग के छात्र एवं छात्राओं ने ऑनलाइन सांस्कृतिक कार्यक्रम भी पेश किया जिसमें पांचवें सेमेस्टर की छात्रा पूनम ने योग नृत्य, प्रथम सेमेस्टर के छात्र पंकज व पांचवें सेमेस्टर की छात्रा अतिक्षा ने भंगड़ा तथा प्रथम सेमेस्टर की छात्रा पूनम ने लोक नृत्य, तीसरे सेमेस्टर की छात्रा रचना ने लोकगीत पेश किया। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए एक भारत श्रेष्ठ भारत व वोकेशनल विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. अतुल गुप्ता ने विभाग के प्राध्यापकों प्रो. विनोद शर्मा, प्रो. करमचंद, प्रो. पुर्वेश को धन्यवाद दिया।

हर वर्ष 27 सितंबर को मनाया जाता है विश्व पर्यटन दिवस –
विश्व पर्यटन दिवस हर वर्ष 27 सितंबर को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत वर्ष 1980 में संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन के द्वारा हुई इस तिथि के चुनाव का मुख्य कारण यह था कि वर्ष 1970 में UNWTO की कानून को स्वीकारा गया था। इस मूर्ति को स्वीकारना वैश्विक पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयास हेतु मील के पत्थर के रूप में देखा जाता है एवं इस दिवस को मनाने का उद्देश्य विश्व में इस बात को प्रसारित तथा जागरूकता फैलाने के लिए हैं कि किस प्रकार पर्यटन वैश्विक रूप से, सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक तथा आर्थिक मूल्यों को बढ़ाने में तथा आपसी समझ बढ़ाने में सहायता कर सकता है।

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