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प्रथम राष्ट्रीय कौशल उत्कृष्टता पुरस्कार विजेताओं को हरियाणा मुख्यमंत्री ने वितरित किये प्रमाण पत्र

नई दिल्ली।

श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय ने शिक्षकों, प्रशिक्षकों एवं संस्थाओं द्वारा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कौशल एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने पर प्रथम विश्वकर्मा राष्ट्रीय कौशल उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया। सम्मान समारोह में मुख्यअतिथि के तौर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय मनोहर लाल जी शामिल हुए वहीं विशिष्ट अतिथि हरियाणा राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद् के अध्यक्ष प्रो. बृज किशोर कुठियाला, मुख्य वक्ता जेसी बोस वाईएमसीए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दिनेश कुमार एवं मुख्य संरक्षक एसवीएसयु के कुलपति श्री राज नेहरू शामिल हुए।

तीन श्रेणियों में दिये गये पुरस्कार –
पुरस्कार वितरण में शिक्षकों, प्रशिक्षक और संस्थानों के विजेताओं को ई-प्रमाण पत्र तीन श्रेणियों में दिये गये जिसमें प्लैटिनम, स्वर्ण एवं रजत शामिल है। पुरस्कार वितरण में शिक्षक श्रेणी में डॉ. चारू गौर, दिल्ली इंस्टीट्यूट ऑफ टूल इंजीनियरिंग को रजत, डॉ. मनीष शर्मा, लखनउ को स्वर्ण से सम्मानित किया गया। प्रशिक्षक श्रेणी में इनोक नंदीहॉल, नेत्तुर टेक्निकल ट्रेनिंग फाउंडेशन कर्नाटक को स्वर्ण, एवं अपर्णा पि यालक्किशट्टर, एनटीटीएफ, इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी, बैंगलोर को प्लैटिनम पुरस्कार हासिल हुआ। संस्थान श्रेणी में जीवा आयुर्वेद, फरीदाबाद को रजत, प्रबंधन, उद्यमिता और व्यावसायिक कौशल परिषद्, नई दिल्ली को स्वर्ण एवं हीरो मोटो कॉर्प, धारूहेड़ा, गुरूग्राम को प्लैटिनम प्रमाणपत्र दिया गया। ग्लोबल कंपैक्ट नेटवर्क इंडिया एवं जमना ऑटो इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने पुरस्कारों में अपनी अह्म भूमिका अदा की।

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उपस्थित सभी का किया अभिवादन –
कार्यक्रम की शुरूआत डीन मैनेजमेंट प्रो. ज्योति राणा ने की एवं कार्यक्रम की बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. आरएस राठौर ने उपस्थित सभी का अभिवादन किया उन्होंने सभी अतिथि, निर्णायक मंडल, विद्यार्थियों एवं गणमान्य व्यक्तियों का अभिवादन किया। प्रो. राठौर ने कहा कि एसवीएसयु ने कौशल के क्षेत्र में देश-दूनिया में उत्कृष्ठ पहचान बनाई है।

विश्वविद्यालय कौशल आधारित पाठ्यक्रम कर रहा संचालित –
SVSU के कुलपति श्री राज नेहरू ने इस दौरान माननीय मुख्यमंत्री एवं गणमान्य अतिथियों का कार्यक्रम में शामिल होने पर आभार व्यक्त किया, श्री राज नेहरू ने कहा कि एसवीएसयु ने माननीय मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल जी के दूरदर्शी नेतृत्व में एक नवाचार कौशल विकास मॉडल का बीड़ा उठाया है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के कौशल विकास मिशन एवं नई शिक्षा नीति 2020 को विश्वविद्यालय पूरी तरह से आत्मसात कर रहा है। वर्तमान समय में विश्वविद्यालय कौशल आधारित सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, डिग्री एवं स्नातकोत्तर स्तर के पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को प्रदान कर रहा है, जिसमें लगभग 28 कोर्सेस में 1400 से अधिक विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं एवं विद्यार्थियों को बेहतर ट्रेनिंग एवं रोजगार के लिए 100 से अधिक उद्योगों के साथ एमओयू किया है।

शिक्षा को गुणवत्तापूर्वक, रोजगारपरक बनाने के लिए कौशल शिक्षा आवश्यक –
बताते चलें कि मुख्य अतिथि माननीय मुख्यमंत्री, हरियाणा श्री मनोहर लाल ने अपने संबोधन में सबसे पहले श्री लाल बहादुर शास्त्री जी एवं महात्मा गांधी जी को याद किया एवं कहा कि एसवीएसयु का यह क्षेष्ठ योगदान है जिन्होंने शिक्षकों, प्रशिक्षकों एवं संस्थानों को उनके उत्कृष्ठ शैक्षणिक कार्यों के लिए सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा सभी के काम आती है, विद्यार्थी जीवन में शिक्षा प्राप्त करने के लिए खुब मेहनत करनी चाहिए। शिक्षा को गुणवत्तापूर्वक, रोजगारपरक बनाने के लिए कौशल को बढ़ावा दिया जाना चाहिए एवं इसी लक्ष्य को लेकर एसवीएसयू की स्थापना की गई है जोकि देश का पहला कौशल विश्वविद्यालय है। माननीय मुख्यमंत्री जी ने एसवीएसयु के कुलपति श्री राज नेहरू के कार्यों की सराहना की एवं कौशल के माध्यम से रोजगार को बढ़ावा देने को लेकर गौरव महसुस किया।

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SVSU का कार्य सराहनीय एवं नई दिशा देने वाला –
विशिष्ट अतिथि प्रो. बृज किशोर कुठियाला, अध्यक्ष हरियाणा उच्चतर शिक्षा परिषद् ने अपने संबोधन में कहा कि एसवीएसयु का कार्य सराहनीय एवं नई दिशा देने वाला है। माननीय प्रधानमंत्री जी ने जो हर व्यक्ति को कौशल देने का लक्ष्य रखा, हरियाणा इसको पूरा करके दिखा रहा है। प्रो. कुठियाला ने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 में स्कूल स्तर से ही कौशल सिखाने का कार्य विद्यार्थियों को किया जाएगा एवं बारहवीं के बाद कौशल को जीवन बनाकर समाज के लिए काम करें। प्रसन्नता का विषय है कि हमने नई शिक्षा नीति आने से पहले हरियाणा में यह करके दिखाया एवं प्रभावी रूप से आगे बढ़ रहे हैं।

देश के आत्मनिर्भर भारत के स्वप्न को करना है साकार –
मुख्य वक्ता प्रो. दिनेश कुमार, कुलपति जेसीबोस वाईएमसीए विश्वविद्यालय, फरीदाबाद ने कहा कि श्री राज नेहरू के नेतृत्व में विश्वविद्यालय ने कौशल के क्षेत्र में देश ही नहीं विदेशों में भी पहचान बनाई है एवं स्किल को रिकॉगनाइज करने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें युवाओं को स्किल के माध्यम से जोड़े जिससे देश के विकास में इनका महत्वपूर्ण योगदान हो। जब तक अपने युवा को स्किल के साथ पावरफुल नहीं करेंगें देश के आत्मनिर्भर भारत के स्वप्न को साकार नहीं कर पाएगा। उन्होंने स्किल को सभी तक पहुंचाने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान निर्णायक मंडल के सभी सदस्यों ने अपने अनुभव सांझा किए।

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