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नीव संस्था ने शहीद भगत सिंह जी की 113वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित की एक राष्ट्रीय वेबिनार

नई दिल्ली।

नीव जो कि आई.आई.टी के पुरातन छात्र -छात्राओं द्वारा संचालित एक सामाजिक संस्था है और गरीबों, बेसहारा , झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले बच्चो को शिक्षित करने का कार्य करती है। अपनी ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से 25 हजार से ज्यादा देश-विदेश के शिक्षाविदों, छात्र -छात्राओं इत्यादि को कोविड-19 महामारी के दौरान जागरूक कर चुकी है व यह कार्य निरंतर जारी है। जागरूक की इसी कड़ी में शहीद भगत सिंह जी की 113वीं जयंती के उपलक्ष्य में एक राष्ट्रीय वेबिनार “वर्तमान समय में भगत सिंह की प्रासंगिकता” विषय पर आयोजित किया गया, जिसमें देश-विदेश से भगत सिंह को मानने वाले व उनका अनुसरण करने वाले 1500 से अधिक प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया व इस कार्यक्रम का सजीव प्रसारण यूट्यूब, फेसबुक, ट्विटर और लिंकडीन के द्वारा भी किया गया।

छोटी से उम्र में किये ढेरों कार्य –
कार्यक्रम का आरम्भ नीव संसथान के राष्ट्रीय समन्वयक डॉ0 उपदेश वर्मा जी द्वारा किया गया। उन्होंने शहीद भगत सिंह के जीवन के बारे में बताया की कैसे 23 वर्ष की छोटी से उम्र में ही उन्होंने इतने बड़े काम कर दिए, जिसके लिए 7 जन्म भी कम पड़ जाये। जब उन्होनें दिल्ली के उस समय के सेंट्रल हॉल में बम फेका तो वो भाग भी सकते थे परन्तु उन्होंने वहां से जाने की बजाय वही रहकर देश को बताया की जुल्म के प्रतिकार के लिए और अंग्रेजी हुकूमत को उखाड़ फेकने के लिए ही वो वहां आये है, जिससे भारत के लोगों को आज़ादी के प्रति जागरूक कर सके, उन्होंने अपना बलिदान देकर ऐसे चिंगारी उत्पन्न किया, जिसकी वजह से ही आज हम लोग आज़ादी की सांस ले पा रहे है।

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मूल्यों/शौर्य को आत्मसात करना चाहिए –
श्री अतुल बल, पूर्व अध्यक्ष, आई.आई.टी दिल्ली एलुमनाई एसोसिएशन ने कहा कि वह एक बौद्धिक गण थे और इंकलाब जिंदाबाद का नारा दिया। श्री रघु हरी डालमिया , जो की आई.आई.टी दिल्ली के पूर्व छात्र व डालमिया समूह के चेयरमैन रहे है, उन्होंने कहा कि हमें उनके मूल्यों/शौर्य को आत्मसात करना चाहिए अन्यथा उनके जन्मदिन का जश्न मनाने का कोई मतलब नहीं है।

भगत सिंह से प्रेरित होकर किया कार्य –
कमांडर वी के जेटली ने वर्णन किया कि भगत सिंह ने कहा था मेरा धर्म देश सेवा है।
प्रो. बीर पाल सिंह, चीफ प्रॉक्टर, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय व नीव संस्थान के उपाध्यक्ष ने भगत सिंह की प्रशंसा की। श्री अशोक अरोड़ा, मशहूर सुप्रीम कोर्ट के वकील ने बताया कि कैसे उन्होंने अपने स्कूल के समय में भगत सिंह के रूप में कार्य किया था और बर्फ पर सोते हुए भगत सिंह के दर्द को महसूस किया था कि वे अपने जेल के समय में क्या करते थे। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे वह भगत सिंह से प्रेरित थे जब जेसिका हत्याकांड हुआ था और सभी अपराधी मुक्त हो गए थे। उन्होंने खुद इस मुद्दे को उठाया।

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विद्या डिजिटल ऐप के साथ हुआ करार –
डॉ उपदेश वर्मा वर्मा ने नीव में हो रहे कार्यों के बारे में जानकारी दी और बताया की उन्होंने विद्या डिजिटल ऐप के साथ करार किया है जो की गरीब बच्चों और सरकारी स्कूल के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा अभियान के तहत मुफ्त में ऑनलाइन एजुकेशन उपलब्ध करायेगे। उन्होंने यह अभी बताया की उत्तराखंड सरकार के साथ नीव और विद्या का करार हुआ है, जिससे उत्तराखंड के लगभग 10 लाख छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन पढाई करने में सहायता मिलेगी। रितु कौशिक ने बताया कि हम सभी भगत सिंह के शिष्य हैं, क्योंकि हम उनके 113 वें जन्मदिन पर उन्हें याद करने के लिए एकत्रित हुए हैं।

वन्दे मातरम व मेरा रंग दे बसंती चोला गाया –
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने वन्दे मातरम व मेरा रंग दे बसंती चोला गाया व इंक़लाब जिंदाबाद के नारे लगाए। इस अवसर पर नीव संस्था के अध्यक्ष श्री हरी दत्त वर्मा जी, उपाध्यक्ष श्री राजन वार्ष्णेय जी, जॉइंट सेक्रेटरी डॉ. विजय तिवारी, दुर्गेश जी, प्रशांत जी, नम्रता जी, कौशल जी, हरीश जी, अनिल जी, मनीष सारमा जी, डॉ. सचिन जी, डॉ. मनोज कुमार जी इत्यादि जन उपस्थित रहे व अपने विचार व्यक्त किये |

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