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बिहार विश्वविद्यालय ने स्नातक तृतीय वर्ष के परीक्षा फॉर्म भरने की तिथि 20 अक्टूबर तक आगे बढ़ी

पटना।

भीमराव अम्बेडकर बिहार विश्वविद्यालय ने स्नातक तृतीय वर्ष के परीक्षा फॉर्म भरने की तिथि बढ़ाकर 20 अक्टूबर कर दी है। अब छात्र-छात्राएं 20 अक्टूबर तक फॉर्म भर सकते हैं। परीक्षा नियंत्रक डॉ.मनोज कुमार ने बताया कि काफी विद्यार्थी परीक्षा फॉर्म नहीं भर सके हैं। कॉलेजों में काफी भीड़ जुट रही है। ऐसे में छात्रहित को देखते हुए फॉर्म भरने की तिथि विस्तारित की गई है। साथ ही प्राचार्यों को निर्देश दिया गया है कि 21 अक्टूबर को विद्यार्थियों के फॉर्म की जांच कर उसका प्रतिवेदन 22 अक्टूबर तक हर हाल में विवि को उपलब्ध कराएं।

छात्र को फॉर्म भरने मे अगर कोई दिक्कत होती है तो छात्रों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर व ईमेल आइडी जारी की गई है। वे अपने कॉलेज में रोल नंबर, रजिस्ट्रेशन नंबर, विषय, मोबाइल नंबर, ईमेल आइडी लिखकर कॉलेज में 18 अक्टूबर तक जमा कर सकेंगे। प्राचार्यों को इनका विवरण विवि को भेजने को कहा गया है।

छात्राओं से अधिक शुल्क लेने पर दो कर्मचारी निलंबित –
महिला शिल्प कला भवन कॉलेज में सोमवार को स्नातक पार्ट थ्री का फॉर्म भरने में छात्राओं से तय से अधिक राशि लेने और छात्राओं के विरोध करने पर दुव्र्यवहार का मामला सामने आने के बाद प्राचार्य डॉ.नलिन विलोचन ने कॉलेज के दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। दोनों का वेतन रोकते हुए विवि को इसकी जानकारी दी गई है। छात्राओं ने बताया कि सोमवार को तय तिथि के अनुसार पार्ट थ्री का परीक्षा फॉर्म भरने की अंतिम तिथि थी। जब वे कॉलेज पहुंचीं तो सहायक राजेश राम और राजेश पंडित सभी को बिना किसी कारण ही फटकारने लगा। साथ ही फॉर्म भरने के बदले तीन सौ रुपये अधिक की मांग की। जब छात्राओं ने विरोध जताया तो कहा कि फॉर्म नहीं भरने देंगे। इसी बीच प्राचार्य कॉलेज में पहुंचे तो छात्राओं ने इसकी शिकायत कर दी। छात्राओं और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से शिकायती आवेदन के आधार पर प्राचार्य ने दोनों पर कॉलेज जांच कमेटी को जांच करने तक निलंबित कर दिया।

तीन और नये विश्वविद्यालयों में विभाजित कर दिया गया –
बता दें कि बिहार विश्वविद्यालय की स्थापना दो जनवरी 1942 को की गयी थी जब इसे पटना विश्वविद्यालय से अलग दर्जा दिया गया था। लेकिन इसका मुख्यालय उस समय पटना में ही रहा। 1960 में बिहार विश्वविद्यालय अधिनियम द्वारा इसमें से तीन और नये विश्वविद्यालयों में विभाजित कर दिया गया जिनके नाम बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर, राँची विश्वविद्यालय राँची एवं भागलपुर विश्वविद्यालय, भागलपुर थे। 1961 में इसी अधिनियम के तहत बिहार विश्वविद्यालय का फिर से विभाजन किया गया और एक नया विश्वविद्यालय मगध विश्वविद्यालय की स्थापना की गयी जिसका मुख्यालय बोधगया में रखा गया। 1973 में एक और विभाजन कर इसमें से मिथिला विश्वविद्यालय की नींव रखी गयी जिसका मुख्यालय दरभंगा में रखा गया। 1990 में एक और विभाजन के बाद एक और नये विश्वविद्यालय का उदय हुआ जिसका नाम जयप्रकाश नारायण विश्वविद्यालय रखा गया जो अब छपरा में स्थित है। 1992 में बिहार विश्वविद्यालय का नाम बदलकर भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय रखा गया।

यूपीएससी में असिस्टेंट प्रोफेसर समेत विभिन्न पदों की 44 रिक्तियों के लिए आवेदन शुरू, upsc.gov.in वेबसाइट पर कर सकेंगे आवेदन

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नई दिल्ली।

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने फोरमैन (इलेक्ट्रिकल), सीनियर साइंटिफिक असिस्टेंट (इलेक्ट्रॉनिक्स) और सीनियर साइंटिफिक असिस्टेंट, स्पेशलिस्ट ग्रेड 3 असिस्टेंट प्रोफेसर समेत विभिन्न पदों की 44 रिक्तियों के लिए योग्य व इच्छुक उम्मीदवारों से आवदेन आमंत्रित किए हैं। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन आयोग की ऑफिशियल वेबसइट upsc.gov.in पर किए जा सकते हैं।
आवेदन की आखिरी तारीख 29 अक्टूबर 2020 है। हालांकि आवदेन की हार्ड कॉपी जमा कराने की आखिरी तारीख 30 अक्टूबर है। आवेदकों को आवेदन करने से पहले पूरा भर्ती विज्ञापन/नोटिफिकेशन पढ़ने की सलाह है। कुल 44 रिक्त पदों में 28 पद असिस्टेंट प्रोफेसर (Radio-Diagnosis) के लिए व बाकी अन्य पदों के लिए हैँ।

विभिन्न पदों के लिए शैक्षिक योग्यता –
फोरमैन (इलेक्ट्रिकल): आवेदक को किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से कम से कम इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की डिग्री होना चाहिए। साथ कार्यक्षेत्र में जरूरी अनुभव भी होना चाहिए। अन्य पदों की योग्यता के लिए यूपीएससी का पूरा भर्ती नोटिफिकेशन वेबसाइट पर चेक कर सकते है।

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