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उच्च शिक्षा से दिनभर की बड़ी खबरें (NIT Jamshedpur व UPPCS विशेष)

एनआईटी, जमशेदपुर के ‘हीरक जयंती वर्ष’ पर व्याख्यान कक्ष का उद्घाटन, शिक्षा मंत्री ने किया उद्घाटन

नई दिल्ली ,
प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान एनआईटी, जमशेदपुर के ‘हीरक जयंती वर्ष’ पर परिसर में निर्मित भव्य ‘हीरक जयंती व्याख्यान कक्ष’ का उद्घाटन शिक्षा मंत्री रमेश निशंक द्वारा मंगलवार को ऑनलाइन माध्यम से किया गया। उद्घाटन समारोह में संस्थान के विविध पदाधिकारियों एवं विद्यार्थियों ने सहभागिता की। शिक्षा मंत्री रमेश निशंक ने इस अवसर पर कहा, “एनआईटी जमशेदपुर शिक्षा, अनुसंधान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार के साथ ही एंटरप्रेन्योरशिप के क्षेत्र में भी देश के उत्कृष्ट केंद्र के रूप में उभर रहा है। इस वर्ष संस्थान ने NIRF रैंकिग में 79वां स्थान प्राप्त किया है।”

भारत को शिक्षा के वैश्विक हब के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध –
बता दें की आगे उन्होंने कहा, “यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में हमारी सरकार स्टडी इन इंडिया, स्टे इन इंडिया तथा शिक्षा के अंतरराष्ट्रीयकरण के माध्यम से भारत को शिक्षा के वैश्विक हब के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। जिसमें एनआईटी, जमशेदपुर जैसे तकनीकी संस्थानों की भूमिका विशेष महत्वपूर्ण है।

मास्क-वितरण तथा जागरूकता अभियान जैसे सराहनीय कार्य –
वैश्विक आपदा कोविड-19 के संकट के समय एनआईटी, जमशेदपुर के रसायन विज्ञान विभाग द्वारा झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला जैसे जिलों के लिए सैनिटाइजर उत्पादन, ग्रामीण क्षेत्रों में पुनः प्रयोग किए जा सकने वाले मास्क-वितरण तथा जागरूकता अभियान जैसे सराहनीय कार्य सभी संस्थानों के लिए अनुकरणीय हैं। इतिहास गवाह है कि किसी भी राष्ट्र का विकास नई तकनीकों के आविष्कार से ही हुआ है। ऐसे आविष्कारों के लिए अनुसंधान, अध्ययन तथा नवाचारी प्रवृत्ति, तीनों का समन्वय होना बहुत जरूरी है। एनआईटी, जमशेदपुर के इस दिशा में किए गए प्रयास सराहनीय हैं।”

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के सामने पीसीएस 2018 के प्रतियोगी छात्रों का स्केलिंग को लेकर प्रदर्शन

UPPSC PCS Mains 2018: Just one day left to apply for the exam - education - Hindustan Times

लखनऊ,
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज मे पीसीएस 2018 के प्रतियोगी छात्रों ने स्केलिंग को लेकर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के सामने प्रदर्शन किया। अभ्यार्थियों की भीड़ को देखते हुए पुलिस ने आयोग की तरफ आने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया। प्रदर्शन के दौरान सैकडों प्रतियोगी छात्रों ने “सभी परीक्षाओं में अन्य राज्यों का कोटा निर्धारित हो, यूपीएससी का अंधुनकरण बन्द करो, यूपीएससी-2018 स्केलिंग का जवाब दो और हिन्दी भाषियों के साथ अन्याय नहीं चलेगा लिखी हुई हाथों में तख्ती लेकर नारेबाजी कर रहे थे।

आयोग के मानमाने रवैये पर सरकार को अंकुश लगाना चाहिए –
भीड़ में प्रतियोगी छात्रों का आरोप है कि आयोग गलत तरीके से काम कर रहा है और सरकार इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। उनका आरोप है कि आयोग यह बताए की पीसीएस 2018 में विज्ञापन के अनुसार स्केलिंग प्रक्रिया लागू हुई है या नहीं, इसका जवाब तत्काल दे। प्रदर्शन कर रहे मोहित नामक प्रतियोगी छात्र ने कहा कि आयोग के मानमाने रवैये पर सरकार को अंकुश लगाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग में भ्रष्टाचार, भाई भतीजावाद एवं स्केलिंग को अप्रभावी बनाने की कोशिश की जा रही है। पीसीएस 2018 के परिणाम से स्वत: स्पष्ट है कि स्केलिंग लागू नहीं है।

गोपनीयता की आड़ में भाई-भतीजावाद का बोलबाला –
प्रतियोगी छात्रों का समर्थन करते हुए युवा मंच संयोजक राजेश सचान ने कहा कि पीसीएस-2018 के परिणामों से स्वत: स्पष्ट हो गया है कि स्केलिंग लागू नहीं किया गया है। सचान ने कहा कि आयोग की कार्यप्रणाली भी जो पहले से ही अलोकतांत्रिक उसने तानाशाही बढ़ती जा रही है। गोपनीयता की आड़ में भाई-भतीजावाद का बोलबाला पहले जैसा ही है। इससे युवाओं में रोष व्याप्त है और इसका खामियाजा प्रशासन को भी भुगतना पडेगा। उन्होने कहा कि जनदबाव के बाद सीबीआई जांच के आदेश के बाद लीपापोती करने और दोषियों को बचाने का ही नतीजा है कि ऐसी ताकतों का मनोबल बढ़ा हुआ है और उनपर किसी प्रकार का फर्क नहीं पड़ रहा है।

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