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उच्च शिक्षा से बड़ी खबरें (AICTE व RGPV विशेष)

एआईसीटीई की स्नातक प्रथम वर्ष के इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों के लिए 30 नवंबर तक कर सकेंगे प्रवेश

नई दिल्ली।

ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्नीकल एजुकेशन (AICTE) ने शैक्षणिक सत्र 2020-21 का एकेडमिक कैलेंडर एक बार फिर से संशोधित कर 30 नवंबर, 2020 तक प्रवेश ले सकेंगे। संशोधित कैलेंडर के अनुसार, काउंसिल ने एआईसीटीई से मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों और संस्थानों में यूजी प्रथम वर्ष के इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में अब 30 नवंबर, 2020 तक प्रवेश लेने की अनुमति दी है। वहीं, इसकी कक्षाएं 1 दिसंबर, 2020 से शुरू होंगी। उम्मीदवार, एआईसीटीई की ऑफिशियल वेबसाइट, aicte-india.org पर विजिट कर रिवाइज्ड कैलेंडर चेक कर सकते हैं।

अंतिम तारीख 30 नवंबर, 2020 तक विस्तारित –
बता दें कि एआईसीटीई के शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार, प्रथम-वर्ष के इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में उम्मीदवार 20 अक्टूबर, 2020 तक एडमिशन कर सकते थे। वहीं, अब अंडरग्रेजुएट इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों के अलावा, काउंसिल ने डिप्लोमा लेटरल एंट्री पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए भी अंतिम तारीख को 30 नवंबर, 2020 तक विस्तारित कर दिया है।

एआईसीटीई ने संस्थानों से स्पेशल क्लास आयोजित करने को कहा –
ऑफिशियल नोटिस के मुताबिक, देश में लंबे समय से चली आ रही विकट परिस्थितियों के कारण और विभिन्न राज्य सरकारों से प्राप्त अनुरोध को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इससे पहले13 अगस्त, 2020 को एआईसीटीई ने अपनी ऑफिशियल वेबसाइट पर रिवाइज्ड कैलेंडर जारी किया था। जिसमें कहा गया था कि यदि कोई संस्थान पहले वर्ष की कक्षाएं शुरू कर चुका है, तो उन्हें स्थगित कर दिया जाए। वहीं, अंतिम वर्ष या अंतिम-सेमेस्टर परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के लिए, एआईसीटीई ने उनके संबद्ध संस्थानों से स्पेशल क्लास आयोजित करने के लिए निर्देशित किया था।

अधिक जानकारी के लिए छात्र वेबसाइट चेक करें –
विश्वविद्यालयों को कोविड-19 महामारी से संबंधित निर्धारित प्रोटोकॉल या दिशानिर्देशों का पालन करते हुए ऑनलाइन/ऑफलाइन, या मिश्रित मोड में कक्षाएं शुरू करने के लिए कहा गया था। एआईसीटीई के 9 जुलाई, 2020 को जारी शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार, तकनीकी पाठ्यक्रमों में मौजूदा स्टूडेंट्स के लिए कक्षाएं 17 अगस्त से शुरू होनी थीं, जबकि नए शैक्षणिक सत्र की कक्षाएं 15 अक्टूबर से शुरू की जानी थी। लेकिन, महामारी की स्थिति को देखते हुए इसे स्थगित कर दिया गया था। इससे जुड़ी अधिक जानकारी के लिए छात्र वेबसाइट चेक करते रहे।

आरजीपीवी ने आईयूएमएस प्रणाली से पीछे हटने का दिया आश्वासन

File:UIT RGPV Bhopal's Main Gate.jpg - Wikipedia

भोपाल।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत मंत्री श्री निलेश सोलंकी के नेतृत्व में सैंकडो की संख्या में राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का घेराव कर आईयूएमएस के विरोध में आज प्रदर्शन किया गया। अभाविप ने प्रदर्शन के माध्यम से विश्वविद्यालय कुलपति से कई प्रश्न किये। अभाविप ने आरजीपीवी कुलपति महोदय से निम्न प्रश्न किए-

1. आई.यू.एम.एस. को स्थापित करने के विषय में आर.जी.पी.वी. को राजभवन के द्वारा अधिकृत किया गया है क्या? यदि हां तो उसके दस्तावेज सार्वजनिक की जावे।

2 आई.यू.एम.एस. स्थापित करने का कार्य राजीव गांधी प्रोद्यौगिकी विश्वविद्यालय के द्वारा अपने हाथों में लेने के पूर्व कार्य परिषद की अनुमति ली गई है क्या?

3 आज आर.जी.पी.वी. विश्वविद्यालय के समूचे विद्यार्थी आपसे यह जानना चाहते हैं कि आई.यू.एम.एस. स्थापित करने में अभी तक विश्वविद्यालय के द्वारा जो आर्थिक व्यय किया गया है, वह किस मद के तहत किया गया है?

4 अगर राजीव गांधी प्रोद्यौगिकी विश्वविद्यालय द्वारा जो राशि व्यय की गई है इसकी अनुमति कार्यपरिषद से ली गई है या नहीं?

5 आई.यू.एम.एस. प्रक्रिया स्थापित करने के पूर्व एवं एक सर्विस प्रदाता के नाते विश्वविद्यालय को नेतृत्व करने के पूर्व राज्य शासन से पूर्वानुमति ली गई है क्या?

6 वास्तव में आर.जी.पी.वी. इस कार्य को करने हेतु अगर स्वयं को सक्षम मानता है तो विश्वविद्यालय से अपनी सेवायें दूसरे विश्वविद्यालय के डिजिटलाइजेशन मोड में सहयोग करने मे क्यों नहीं दी गई ?

7 आई.यू.एम.एस. प्रणाली को लागू करने से पूर्व इस प्रणाली और शिक्षा संस्थानों से जुड़े हुये सभी प्रकार के लाभार्थी ( विद्यार्थी, प्राध्यापक, कुलसचिव, कुलपति) से पूर्व में किसी भी प्रकार का विचार, विमर्श व मंथन किया गया है क्या?

8 आई.यू.एम.एस. प्रणाली के लिये अन्य सभी विश्वविद्यालयों को किसी भी प्रकार का आर्थिक बोझ वहन करना पडेगा क्या? या विद्यार्थियो से अतिरीक्त शुल्क लिया जावेगा क्या?

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