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आजीवन मान्य होगा CTET का प्रमाणपत्र, CTET की वैधता पर NCTE का बड़ा फैसला

नई दिल्ली।

केंद्रीय अध्यापक पात्रता परीक्षा (Central Teacher Eligibility Test) जिसका आयोजन केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, नई दिल्ली (Central Board of Secondary Education, CBSE) द्वारा किया जाता है उसके लिए केंद्र सरकार ने शिक्षक बनने के इच्छुक नौजवानों को भारी राहत दी है। अब उन्हें हर सात साल में शिक्षक अर्हता परीक्षा (टीईटी) पास करने की जरूरत नहीं होगी। बल्कि एक बार टीईटी पास करने पर जीवन भर के लिए मान्य रहेगी। यह व्यवस्था पूरे देश भर में लागू होगी।

शिक्षक भर्ती के लिए योग्य माने जाते हैं –
सीबीएसई हर साल दो बार सीटीईटी परीक्षा आयोजित करता है। पहली परीक्षा जुलाई और दूसरी दिसंबर के महीने में आयोजित की जाती है। सीटेट के पेपर -1 में भाग लेने वाले सफल उम्मीदवार कक्षा 1 से लेकर कक्षा 5 तक के लिए होने वाली शिक्षक भर्ती के लिए योग्य माने जाते हैं। जबकि पेपर -2 में बैठने वाले सफल अभ्यर्थी कक्षा 6 से 8वीं तक के लिए होने वाली शिक्षक भर्ती के लिए योग्य माने जाते हैं।

पहले सिर्फ सात साल के लिए मान्य होती थी टीईटी –
नेशनल काउंसिल फार टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) के चैयरमैन विनीत जोशी ने कहा कि टीईटी को अब जीवन भर के लिए मान्य कर दिया गया है। अभी तक यह सिर्फ सात साल के लिए मान्य होती थी। हाल में काउंसिल की बैठक में यह निर्णय लिया गया। आगे उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था आगे आयोजित होने वाली टीईटी परीक्षाओं के लिए लागू होगी। जो छात्र पहले ही टीईटी पास कर चुके हैं, उनके मामले में एनसीटीई ने कहा कि वह कानूनी सलाह लेकर फैसला लेगी।

नेट की तर्ज पर टीईटी का प्रावधान किया गया –
बता दें कि शिक्षा का अधिकार कानून लागू होने के बाद उच्च शिक्षा की भांति स्कूल शिक्षा में भी नेट की तर्ज पर टीईटी का प्रावधान किया गया। लेकिन अभी इसकी मान्यता सिर्फ सात साल के लिए है। यानी टीईटी करने के बाद यदि कोई व्यक्ति सात साल के भीतर शिक्षक नियुक्त नहीं होता है तो फिर से उसे टीईटी परीक्षा पास करनी होती थी।

टीईटी परीक्षाओं में लाखों उम्मीदवार देते है परीक्षा –
इसी प्रकार नई नौकरी के लिए आवेदन में भी यह प्रक्रिया आड़े आती थी। शिक्षण में महिलाएं ज्यादा हैं जिनका पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते करियर में अवरोध आ जाता है तथा दोबारा शुरूआत करने के लिए उन्हें दोबारा टीईटी पास करना पड़ता है। इसके चलते हर साल केंद्र सरकार या राज्यों द्वारा आयोजित होने वाली टीईटी परीक्षाओं में लाखों उम्मीदवार परीक्षा देते है।

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बीपीएससी 66वीं प्रारंभिक परीक्षा के लिए 28 अक्टूबर तक बढ़ाई गई आवेदन तिथि, रिक्तियों की संख्या भी बढ़ी

पटना,
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने मंगलवार, 20 अक्टूबर को आधिकारिक सूचना जारी करते हुए 66वीं संयुक्त (प्रारंभिक) प्रतियोगिता परीक्षा 2020 के लिए आवेदन की तिथि बढ़ा दी है। आयोग द्वारा मंगलवार, 20 अक्टूबर को जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, बीपीएससी 66वीं प्रारंभिक परीक्षा के लिए आवेदन अब 28 अक्टूबर तक किया जा सकता है।

आवेदन नहीं कर सके थे कई उम्मीदवार –
बताते चलें कि इससे पहले आवेदन की अंतिम तिथि 20 अक्टूबर को समाप्त हो गयी थी। ऐसे में जो उम्मीदवार बीपीएससी 66वीं प्रिलिम्स 2020 के लिए किसी कारणवश आवेदन नहीं कर सके थे, वे आयोग की वेबसाइट, bpsc.bih.nic.in पर उपलब्ध कराये गये ऑनलाइन फॉर्म के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

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