Medical College

एमसीसी जल्द जारी करेगी नीट यूजी के अन्तर्गत मेडिकल कॉलेज के लिए काउंसलिंग शेड्यूल

नई दिल्ली :
मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) जल्द ही नीट (UG) 2020 प्रवेश प्रक्रिया के अंतर्गत काउंसलिंग शुरू करने जा रही है जिसके लिए काउंसलिंग शेड्यूल जल्द ही जारी कर दिया जाएगा। एमसीसी द्वारा काउंसलिंग की प्रक्रिया और कार्यक्रम को ऑफिशियल वेबसाइट, mcc.nic.in पर जल्द ही जारी किया जाएगा।

यूजी परीक्षा 2020 की घोषणा 16 अक्टूबर को की जा चुकी –
मेडिकल काउंसलिंग कमेटी द्वारा नीट यूजी 2020 के अंतर्गत मेडिकल और डेंटल कोर्सेस की 15 फीसदी ऑल इंडिया कोटे की सीटों के लिए काउंसलिंग और सीटों के आवंटन की प्रक्रिया पूरी की जानी है, जबकि राज्यों, विश्वविद्यालयों और संस्थानों की सीटों के लिए काउंसलिंग सम्बन्धित प्राधिकरणो द्वारा की जाएगी। बता दें कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा नीट यूजी परीक्षा 2020 की घोषणा 16 अक्टूबर को की जा चुकी है।

ऑल इंडिया कोटे में इतनी सीटें है उपलब्ध –
प्राप्त जानकारी के अनुसार एमसीसी द्वारा डीयू, बीएचयू, एएमयू, एम्स मे सीटों की आवंटन किया जाना है। 317 एमबीबीएस और 22 डेंटल ईएसआईसी सीटें ऑल इंडिया कोटे में उपलब्ध हैं। इन संस्थानों में 15 फीसदी ऑल इंडिया कोटे के लिए सफल घोषित उम्मीदवारों की काउंसलिंग की जाएगी।

यहां पढ़ें – 23 अक्टूबर को ‘राष्ट्रीय वेबिनार’ आयोजित करेगा इग्नू, ग्लोबल ई कैंपस है एजुकेशन पार्टनर

एमसीसी नीट 2020 काउंसलिंग प्रॉसेस और रजिस्ट्रेशन फीस –
– नीट 2020 काउंसलिंग प्रक्रिया के अंतर्गत 15 फीसदी ऑल इंडिया कोटे (AIQ) की सीटों के लिए शार्ट-लिस्ट किये उम्मीदवारों को एमसीसी की ऑफिशियल वेबसाइट mcc.nic.in पर पहले रजिस्ट्रेशन करना होगा।
– रजिस्ट्रेशन के दौरान उम्मीदवारों को ऑनलाइन आवेदन शुल्क का भी भुगतान करना होगा।
– एआईक्यू और केंद्रीय विश्वविद्यालयों की सीटों के लिए रजिस्ट्रेशन शुल्क पिछले वर्ष 1000 रुपये सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए रखा गया था, जबकि एससी, एसटी, ओबीसी और पीडब्ल्यूडी उम्मीदवारों के लिए 500 रुपये रजिस्ट्रेशन शुल्क था।

नीट 2020 शेड्यूल का इंतजार करना होगा –
वहीं, डीम्ड विश्वविद्यालयों की सीटों के लिए रजिस्ट्रेशन शुल्क 5000 रुपये निर्धारित थी। नीट 2020 काउंसलिंग रजिस्ट्रेशन फीस के लिए उम्मीदवारों को एमसीसी द्वारा जारी कि जाने वाले नीट 2020 शेड्यूल का इंतजार करना होगा। उसके बाद ही इस बार की रजिस्ट्रेशन फीस पता चलेगी। इससे जुड़ी जानकारी के लिए छात्र ऑफिशियल वेबसाइट,mcc.nic.in पर चेक कर सकते है।

उच्च शिक्षा से जुड़ी मुख्य खबरें पढ़ें यहां 

बिहार के 80 हजार अभ्यर्थियों को होगा टीईटी की आजीवन वैधता होने का फायदा

पटना :
बिहार के 80 हजार अभ्यर्थियों को आजीवन टीईटी की वैधता से काफि फायदा होने वाला है। जिन अभ्यर्थीयों ने 2011 और 2017 में टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण की है उन्हें अब दोबारा टीईटी उत्तीर्ण नहीं करना होगा। ऐसे छात्र अपने टीईटी प्रमाण पत्र का हमेशा इस्तेमाल कर सकेंगे, बशर्ते की अभ्यर्थी की उम्र नियोजन के लिए बची हो। इसमें 2011 के 55 हजार अभ्यर्थी और 2017 के 25 हजार अभ्यर्थी शामिल हैं।

हजारों अभ्यर्थी को फायदा मिलेगा –
केंद्र सरकार के इस कदम का बिहार के तमाम शिक्षक संघों ने स्वागत किया है। टीईटी-एसटीईटी उत्तीर्ण नियोजित शिक्षक संघ के प्रवक्ता अश्विनी पांडेय ने बताया कि इससे हजारों अभ्यर्थी को राहत मिली है। टीईटी उत्तीर्ण के दस साल बाद भी नियोजन नहीं होने से हजारों अभ्यर्थी इंतजार कर रहे थे। अभ्यर्थी को सात साल की वैधता मिलने से काफी राहत मिलेगी। शिक्षा सुधार रोजगार संघ के अध्यक्ष नीरज कुमार ने कहा कि अभ्यर्थियों के लिए यह काफी राहत देने की खबर है। इससे हजारों अभ्यर्थी को फायदा मिलेगा।

2011 में एक लाख 27 हजार अभ्यर्थी टीईटी पास हुए थे –
केंद्र सरकार ने टीईटी प्रमाण पत्र के सात साल की वैधता के नियम में बदलाव कर उसे जीवनभर के लिए वैध कर दिया है। इसका मतलब ये है कि एक बार अगर कोई छात्र टीईटी पास कर लेंगे तो उन्हें फिर से टीईटी नहीं देना होगा। बिहार की बात करें तो अभी तक दो बार टीईटी लिया गया है।

पूरी खबर पढ़ें यहां (क्लिक करें)

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
%d bloggers like this: