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उच्च शिक्षा से जुड़ी मुख्य खबरें (यूजीसी नेट व एसवीएसयू विशेष)

एनटीए ने यूजीसी नेट परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र किया जारी, ugcnet.nta.nic.in से करें डाउनलोड

नई दिल्ली :
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने गुरुवार को यूजीसी नेट (UGC NET 2020) परीक्षा के लिए अपनी ऑफिशियल पोर्टल ugcnet.nta.nic.in पर प्रवेश पत्र जारी कर दिया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने 4,5, 11,12 और 13 नवंबर को होने वाली परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र एनटीए की ऑफिशियल पोर्टल ntanet.nic.in पर जारी किया है, इसलिए परीक्षा में शामिल होने जा रहे उम्मीदवार ऑफिशियल पोर्टल से कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।

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ऐसे डाउनलोड करें यूजीसी नेट परीक्षा प्रवेश पत्र –
– यूजीसी नेट नवंबर परीक्षा के लिए एडमिट कार्उ डाउनलोड करने के लिए सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in पर जाएं।
– इसके बाद होमपेज पर उस लिंक पर क्लिक करें, UGC NET admit card for November 4,5,11,12 and 13 नवंबर के लिए यूजीसी नेट एडमिट कार्ड पर लिंक पर क्लिक करें।
– अब यहां पूछी गई डिटेल्स एंटर करें।
– इसके बाद डिस्प्ले स्क्रीन पर एक नया पेज दिखाई देगा। अपने क्रेडेंशियल्स और लॉगिन में एंटर करें। इसके बाद स्क्रीन पर UGC NET एडमिट कार्ड दिखाई देगा। एडमिट कार्ड डाउनलोड करें।

अधिक जानकारी के लिए एनटीए की ऑफिशियल पोर्टल ugcnet.nta.nic.in पर जारी नोटिस चेक कर सकते है।

श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में मनाई गई भगिनी निवेदिता जयंती

नई दिल्ली :
श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय एवं सामाजिक समरसता मंच पलवल के तत्वाधान में भगिनी निवेदिता जयंती का कार्यक्रम मनाया गया। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति राज नेहरू मुख्य अतिथि रहे व मुख्य वक्ता इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के रिसर्च वैज्ञानिक गंगा शंकर मिश्रा थे।

मुख्य अतिथि ने कहा कि –
कार्यक्रम में बोलते हुए राज नेहरू ने भगिनी निवेदिता के जीवन पर प्रकाश डाला तथा उनके द्वारा किए गए सामाजिक कार्यों की भूरी-भूरी सराहना की। उन्होंने बताया कि आयरिश महिला होते हुए भी भगिनी निवेदिता ने अपने आपको यहां के गरीबों व महिलाओं के लिए समर्पित कर दिया था। जिस समय देश में बीमारी फैली और डॉक्टरों ने सबको अपने घर में रहने के लिए निर्देश दिए उस समय भी वह गरीबों /बीमारों की मदद करने के लिए तथा उनके घरों की सफाई करने के लिए गरीब और मलिन बस्तियों में घूमती रही।

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मुख्य वक्ता ने अपने उदबोधन में बताया कि –
मुख्य वक्ता जी एस मिश्रा ने भगिनी निवेदिता के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि आयरिश मूल की, पादरी पिता से जन्मी मार्गरेट नोबल नर सेवा नारायण सेवा को अपने जीवन का मूल मंत्र बनाया। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन अनेक विषम परिस्थितियों के बाद भी भारत के लोगों के लिए उत्सर्ग कर दिया। उन्हें बाल विवाह, सती प्रथा, विधवा उत्पीड़न जैसी कुरीतियों को समाप्त करते हुए महिला शिक्षा, विधवा विवाह एवम् महिला सशक्तिकरणआदि के क्षेत्र में बहुत उल्लेखनीय योगदान दिया।

उन्होंने आगे कहा कि –
महिला शिक्षा /महिला सशक्तिकरण के अलावा ज्ञान/ विज्ञान के क्षेत्र में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने जगदीश चंद्र बोस को विज्ञान प्रयोगशाला बना कर दी जिससे वह रिसर्च कर सके और उन्होंने नोबेल पुरस्कार प्राप्त किया। इसके अलावा श्री मिश्रा ने भारत के ज्ञान विज्ञान के क्षेत्र में बढ़ते हुए कदमों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किस ढंग से अनेक ऐसे आविष्कार भारत में अब हो रहे हैं जिनसे भारत बहुत जल्दी पुनः विश्व गुरु के पद पर आसीन हो सकेगा। उन्होंने पेट्रोलियम के क्षेत्र में हो रही तरक्की के बारे में भी उपस्थित श्रोताओं को बताया।

ये सभी रहे कार्यक्रम में उपस्थित –
कार्यक्रम में प्रोफेसर ज्योति राणा डीन, छात्र कल्याण संकाय तथा प्रबंधन, प्रोफेसर आर एस राठौर कुलसचिव एवं प्रोफ़ेसर सिद्धार्थ सरकार डीन एकेडमिक ने भी अपने विचार रखे मंच संचालन सामाजिक समरसता मंच के संयोजक व कुलपति के विशेष कार्य अधिकारी संजीव तायल ने किया कार्यक्रम में प्रोफेसर रिशिपाल, रविंद्र कुमार, सुश्री चंचल भारद्वाज, विपिन माथुर, संजय सिंह राठौर, डॉ ललित शर्मा, संदीप कुमार, नीति अरोड़ा और शिखा गुप्ता आदि मौजूद थे।

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