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जेएनयू परिसर में शैक्षणिक गतिविधियां शुरू, सभी कर्मियों व छात्रों के लिए आरोग्य सेतु एप अनिवार्य

नई दिल्ली :
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) मे कोरोना महामारी के चलते लगे लॉकडाउन के बाद फिर से शैक्षणिक गतिविधियां शुरू होने जा रही हैं। ऐसे में जेएनयू प्रशासन ने सभी कर्मियों व छात्रों के लिए आरोग्य सेतु मोबाइल एप को अनिवार्य कर दिया है। साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अगर किसी भी कर्मी और छात्र का आरोग्य सेतु असुरक्षित बताएगा तो उसे परिसर में प्रवेश नहीं मिलेगा।

नियमित तौर पर अपडेट करें आरोग्य सेतु एप –
जेएनयू ने छात्रों के लिए परिसर खोलने को लेकर 21 अक्तूबर को अधिसूचना जारी करते हुए दिशा-निर्देश स्पष्ट किए थे। इनमें सुधार करते हुए प्रशासन ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि सभी छात्रों और कर्मियों के लिए एप अनिवार्य होगा। साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्कूलों, केंद्रों के अध्यक्ष, डीन और प्रमुखों को कहा है कि वह कर्मियों और छात्रों को आरोग्य सेतु एप का प्रयोग करने और नियमित तौर पर अपडेट करने को कहें।

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2 नंवबर से खुलेगा कैंपस –
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय परिसर 2 नवंबर से छात्रों के लिए खुलने जा रहा है। जेएनयू प्रशासन ने परिसर को छात्रों के लिए खुलने के लिए विशेष रणनीति बनाई है। इसके तहत दो चरण में छात्रों की परिसर में वापसी सुनिश्चित करने जा रहा है। 2 नंवबर से शुरू हो रहे पहले चरण में उन शोध छात्रों को परिसर में प्रवेश दिया जाएगा, जिन्हें इस साल दिसंबर और जून 2021 में अपनी पीएचडी जमा करानी है। वह छात्रावास में ना रहते हुए यानी बाहर रह कर शोध पूरा कर रहे है। ऐसे छात्रों को प्रयोगशाला के प्रयोग की इजाजत दी जाएगी।

ऑफिशियल वेबसाइट यहां – www.jnu.ac.in

दूसरा चरण 16 नंवबर से होगा –

जेएनयू परिसर में छात्रों की वापसी का दूसरा चरण 16 नवंबर से शुरू होगा। इसमें उन छात्रों को परिसर में प्रवेश दिया जाएगा, जो छात्रावास में रह कर शोध पूरा कर रहे हैं और उन्हें इस साल दिसंबर और जून 2021 में अपनी पीएचडी जमा करानी है। ऐसे छात्रों को प्रयोगशाला और परिसर में प्रवेश की इजाजत दी जाएगी। सभी शोध छात्रों को अपने सुपरवाइजर से प्रयोगशाला के प्रयोग को लेकर प्रमाणपत्र लेना होगा। दूसरे चरण में प्रवेश की प्रक्रिया पहले चरण की सफलता की समीक्षा के बाद ही लागू होगी। साथ ही रजिस्ट्रार ने स्पष्ट किया है कि जिला प्रशासन के सहयोग से ही नियमित जांच की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

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बंद रहेंगे ढ़ाबे और पुस्तकालय –

परिसर में वापसी से पहले सभी शोध छात्रों को स्व घोषणा पत्र भरना होगा, जिसके बाद ही प्रवेश के लिए सुरक्षा कर्मी छात्रों को फोटोयुक्त पहचान वाला गेट पास जारी करेंगे। वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोनों चरणों में छात्रों की वापसी की अवधि में केंद्रीय पुस्तकालय समेत सभी ढाबे बंद रहेंगे। अधिसूचना के अनुसार जिला प्रशासन के सहयोग से छात्रों की जांच की व्यवस्था की जाएगी। वहीं दिल्ली से बाहर के राज्यों से आने वाले छात्रों को दिल्ली पहुंचने के बाद और विवि परिसर में प्रवेश से पहले 7 दिन आइसोलेशन में रहना होगा। छात्रों को कोरोना से संबंधित सभी दिशा निर्देशों का पालन करना होगा।

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