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बीजेपी नेता ने की जेएनयू का नाम बदलकर स्वामी विवेकानंद रखने की मांग

नई दिल्ली :
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) का नाम एक बार फिर से बदलने की मांग उठी है। बीजेपी नेता ने जेएनयू का नाम स्वामी विवेकानंद नाम पर रखे जाने की मांग उठी है, जिन्होंने सनातन धर्म को नई ऊंचाइयां दीं, चरित्र निर्माण, मानसिक शक्ति के विकास की वकालत की।

संत का जीवन आने वाली पीढ़ियों को करेगा प्रेरित –

जेएनयू का नाम बदलकर स्वामी विवेकानंद विश्वविद्यालय करने की मांग हाल ही में गोवा, महाराष्ट्र और तमिलनाडु के प्रभारी बनाए गए बीजेपी के महासचिव सी.टी रवि ने मांग उठाई है, उनका मानना है कि भारत के देशभक्त संत का जीवन आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा।

नाम बदलकर स्वामी विवेकानंद विश्वविद्यालय कर दिया जाए –

बीजेपी महासचिव सी.टी. रवि ट्वीट कर लिखा, ‘स्वामी विवेकानंद भारत की विचारधार के लिए खड़े हुए थे। उनके दर्शन और मूल्य भारत की ताकत को दर्शाते हैं। यह सही है कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय का नाम बदलकर स्वामी विवेकानंद विश्वविद्यालय कर दिया जाए। भारत के देशभक्त संत का जीवन आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा।

स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा उनके विचारों की ऊंचाई का प्रतीक –

इससे पहले हाल ही में जब पीएम मोदी ने स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण किया था तो उस वक्त उन्होने कहा कि विवेकानंद की प्रतिमा सपनों को साकार करने की प्रेरणा देती है। ये प्रतिमा उनके विचारों की ऊंचाई का प्रतीक है। मोदी ने कहा, ‘‘किसी एक बात, जिसने हमारे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को बहुत बड़ा नुकसान पहुंचाया है- वो है राष्ट्रहित से ज्यादा प्राथमिकता अपनी विचारधारा को देना। क्योंकि मेरी विचारधारा ये कहती है, इसलिए देश हित के मामलों में भी मैं इसी सांचे में सोचूंगा, इसी दायरे में काम करूंगा, ये गलत है।’’

वामपंथी और हिन्दूवादी संगठनों के बीच संघर्ष का केंद्र –

पता हो कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) वामपंथी और हिन्दूवादी संगठनों के बीच संघर्ष का केंद्र रहा है। जेएनयू लंबे समय से वाम दलों का गढ़ रहा है। वाम दलों के छात्र संगठन यहां छात्र संघ चुनावों में परचम लहराते रहे हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से अक्सर यह आरोप लगाया जाता रहा है कि वामपंथी संगठन भारत विरोधी ताकतों को परिसर में प्रश्रय देते हैं। अब ये मुद्दा कितनी दूर तक जाता है, इस पर जरूर ही सबकी नज़र बनी रहेगी।

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आइआइटी कानपुर में बीटेक के नये सत्र की पढ़ाई शुरू, ऑनलाइन मोड मे हो रही है क्लासेस

लखनऊ :
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर (आइआइटी) में बीटेक और बीएस पहले वर्ष के छात्रों की कक्षाएं बुधवार 18 नवम्बर से शुरू होने जा रही हैं। ये क्लासेस ऑनलाइन मोड पर संचालित होंगी। मंगलवार को सभी छात्रों को कोर्स का प्रारूप मुहैया करा दिया जाएगा। विभागाध्यक्ष, फैकल्टी, इंस्ट्रक्चर को छात्रों के लिए डिजिटल फार्मेट पर लेक्चर, नोट्स और महत्वपूर्ण शैक्षणिक सामग्री तैयार करनी होगी। सप्ताह में पांच दिन पढ़ाई होगी, जबकि एक दिन रिवीजन कराया जाएगा।

बैचलर ऑफ साइंस के ऑड (विषम) सेमेस्टर का कैलेंडर जारी –

आइआइटी में नव प्रवेशी छात्रों के लिए कई सीनियर, पुरातन छात्र और फैकल्टी को विभिन्न तरह की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आइआइटी प्रशासन ने पहले साल के बीटेक व बैचलर ऑफ साइंस के ऑड (विषम) सेमेस्टर का कैलेंडर जारी किया है। देरी से पंजीयन कराने वाले छात्र 24 नवंबर तक रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। मिड सेमेस्टर परीक्षा 26 से 31 दिसंबर तक होगी।

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