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दीनदयाल विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए पीएम मोदी, जाने क्या कहा

नयी दिल्ली :
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंडित दीनदयाल पेट्रोलियम विश्वविद्यालय, गांधीनगर – गुजरात में मोनोक्रिस्टलाइन दीनदयालसोलर फोटो वोल्टाइक पैनल के 45 मेगावाट के उत्पादन संयंत्र का उद्घाटन किया। पीएम ने पंडित दीनदयाल पेट्रोलियम विश्वविद्यालय के छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि जिम्मेदारी की भावना व्यक्ति के जीवन में अवसर की भावना को जन्म देती है। बोझ की भावना से जीने वाले लोग विफल रहते हैं।

युवाओं को एक साफ स्लेट, और एक साफ दिल के साथ आगे बढ़ना चाहिए –

पीएम ने कहा कि आज, हम देश के कार्बन पदचिह्न को 30-35% तक कम करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं। इस दशक में ऊर्जा जरूरतों के लिए प्राकृतिक गैस के उपयोग को 4 गुना बढ़ाने के प्रयास जारी हैं। 21 वीं सदी के युवाओं को एक साफ स्लेट, और एक साफ दिल के साथ आगे बढ़ना चाहिए जिसका मतलब स्पष्ट इरादे हैं। पीएम मोदी ने अपने दीक्षांत समारोह के दौरान कहा कि आज, आप ऐसे समय में उद्योग में प्रवेश कर रहे हैं जब महामारी के कारण दुनिया के ऊर्जा क्षेत्र में बड़े बदलाव हो रहे हैं। इस समय, उद्यमिता और रोजगार के विकास के कई अवसर हैं।

पेट्रोलियम सेक्टर में इनोवेशन जरूरी –

प्रधानमंत्री मोदी ने पंडित दीनदयाल पेट्रोलियम विश्वविद्यालय के छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि ऊर्जा के सेक्टर में पेट्रोलियम पर निर्भरता को नकारा नहीं जा सकता है। आज देश के सामने ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए हम बाहरी मुल्कों पर निर्भर हैं। ऐसी सूरत में हमें ऐसे विकल्पों पर विचार करना होगा ताकि बाहरी मुल्कों पर निर्भरता में कमी आए। इसके साथ ही इनोवेशन के जरिए हमें पेट्रोलियम उत्पादों को और बेहतर करना होगा।

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यूजीसी निर्देशों के बाद बीएचयू को 23 नवंबर से चरणबद्ध तरीके से खोलने की तैयारी

लखनऊ :
कोरोना महामारी के चलते पिछले 7 महीने से देश के सभी शिक्षण संस्थान बंद पड़े है। स्टूडेंट्स की पढ़ाई को फिर से ट्रैक पर लाने के लिए यूजीसी ने सभी कॉलेज, विश्वविद्यालयों को चरणबद्ध खोलने के दिशा-निर्देश जारी किये है। बीएचयू प्रशासन की ओर से इसे लेकर आदेश जारी किया गया।

प्रशासन की ओर से इसे लेकर आदेश जारी किया गया –

ऐसे में बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) को 23 नवंबर से चरणबद्ध तरीके से खोले जाने का फैसला किया गया है। इस संबंध में यूनिवर्सिटी के ऑफिशियल ट्वीटर अकाउंट से ट्वीट करके जानकारी दी गई है। बीएचयू प्रशासन की ओर से इसे लेकर आदेश जारी किया गया है। आदेश के अनुसार, पहले चरण में, यानी 23 नवंबर से विज्ञान संकाय के पीएचडी पाठ्यक्रमों के अंतिम वर्ष के स्टूडेंट्स को रिसर्च कार्यों के लिए यूनिवर्सिटी आने की अनुमति दी जाएगी।

कार्यान्वयन और निगरानी के लिए विभिन्न समितियां करेंगी समीक्षा –

बता दें कि महामारी के काल में संक्रमण को ध्यान में रखते हुए कोविड-19 से संबंधित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए संकाय स्तर पर कोर कमिटी का गठन किया गया है। राज्य द्वारा जारी दिशा-निर्देशों या एसओपी के कार्यान्वयन और निगरानी के लिए विभिन्न समितियां समय-समय पर स्थितियों की समीक्षा करती रहेंगी। इसके आधार पर ही अन्य विभागों को भी खोलने के बारे में निर्णय लिया जाएगा। बीएचयू प्रशासन की ओर से जानकारी दी गई है कि विभाग के साथ ही कृषि विज्ञान, पर्यावरण एवं सतत विकास, चिकित्सा विज्ञान, पशु चिकित्सा विज्ञान के स्टूडेंट्स की ओर से गाइडलाइन तैयार की जा रही है।

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