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एमसीयू मे “महिला कर्मचारियों के अधिकार और दायित्व” विषय पर आयोजित हुई परिचर्चा

भोपाल :
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (एमसीयू) में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (उच्चतर शैक्षिक संस्थानों में महिला कर्मचारियों एवं छात्रों के लैंगिक उत्पीड़न के निराकरण, निषेध एवं सुधार) विनियम 2015 के तहत गठित आंतरिक शिकायत समिति द्वारा “महिला कर्मचारियों के अधिकार और दायित्व” विषय पर परिचर्चा आयोजित की गई। जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड, भोपाल की सदस्य श्रीमती प्रतिभा पाण्डे ने इस अवसर पर विश्वविद्यालय की महिला कर्मचारियों के साथ संवाद किया।

विश्वविद्यालय द्वारा ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई जाएगी –

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो केजी सुरेश ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि महिलाओं से संबंधित कानूनों पर जागरूकता पैदा करने की जरूरत है। महिलाओं के खिलाफ गंभीर अपराध छोटी घटनाओं से शुरू होते हैं जिन्हें आमतौर पर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। लैंगिक उत्पीड़न से जुड़े किसी भी मामले में विश्वविद्यालय द्वारा ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय के बिसनखेड़ी स्थित नये परिसर में स्टाफ़ के बच्चों के लिये शिशुगृह की व्यवस्था की जाएगी| उन्होंने आशा जताई की आईसीसी केवल शिकायतों के निराकरण तक ही सीमित न रहकर विश्वविद्यालय में व्यापक दृष्टिकोण के साथ कार्य करेगी।

एक महिला जन्म से सम्मान पाने की हकदार –

श्रीमती प्रतिभा पाण्डे ने अपने उद्बोधन में कहा कि बेटियों को सुरक्षित माहौल देने के लिए यह आवश्यक है कि हम अपने बेटों को पढ़ाएं और बताएं। माता-पिता को अपने बेटों के साथ उनके व्यवहार के बारे में बात करनी चाहिए। श्रीमती पांडे ने कहा कि महिला सहकर्मियों के प्रति उनका रवैया वैसा ही होना चाहिए, जैसा कि उनके परिवार में महिला सदस्यों का है। उन्होंने कहा कि एक महिला जन्म से सम्मान पाने की हकदार है। हम कानूनों द्वारा महिला की गरिमा और सम्मान को सुनिश्चित नहीं कर सकते। समाज को अपनी मानसिकता बदलनी होगी। श्रीमती पांडे ने अधिनियम के प्रावधानों को विस्तृत रूप से साझा किया।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कर्मचारियों ने सहभागिता की –

सहायक रजिस्ट्रार श्री विवेक सावरीकर ने कार्यक्रम का संचालन किया। कुलसचिव प्रो. अविनाश बाजपेयी ने स्वागत उद्बोधन दिया| आंतरिक शिकायत समिति की अध्यक्ष प्रो पी शशिकला ने कार्यक्रम के विषय से अवगत कराया और आंतरिक शिकायत समिति के सभी सदस्यों का परिचय कराया| कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की सभी महिला शिक्षक, महिला अधिकारी एवं महिला कर्मचारियों ने सहभागिता की।

विश्वविद्यालय में कार्यरत महिलाओं ने अपनी बातें साझा की –

कार्यक्रम के अंत में परिचर्चा में विश्वविद्यालय में कार्यरत महिलाओं ने अपनी बातें साझा की और इस विषय से जुड़े कुछ सुझाव भी दिए। कार्यक्रम के पूर्व प्रो. शशिकला की अध्यक्षता में समिति की पहली बैठक हुई जिसमे सभी सदस्यों डॉ उर्वशी परमार, राहुल खड़िया, विवेक सावरिकर, श्रीमती तृप्ति वाजपेयी एवं श्रीमती प्रतिभा पांडे शामिल रहे।

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एम्स ने जारी किए विभिन्न पीजी पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश परीक्षा परिणाम, वेबसाइट पर करें चेक

नई दिल्ली :
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने विभिन्न परास्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए आयोजित प्रवेश परीक्षा के लिए परिणाम घोषित कर दिए है। संस्थान द्वारा डीएम/सीएच और एमडी कोर्सेस में दाखिले के लिए एम्स पीजी फाइनल रिजल्ट 2020 की घोषणा की गयी है। जो उम्मीदवार एम्स पीजी परीक्षा में सम्मिलित हुए थे, वे परीक्षा पोर्टल, aiimsexams.org पर विजिट करके अपना परिणाम चेक कर सकते हैं। बता दें कि एम्स द्वारा स्टेज 1 सीबीटी रिजल्ट की घोषणा 20 नवंबर को की गयी थी और फिर शॉर्टलिस्ट किये गये उम्मीदवारों के लिए डिपार्टमेंटल, क्लिनिकल, प्रैक्टिकल या लैब बेस्ड एसेसमेंट या दूसरे चरण की परीक्षा का आयोजन 2 दिसंबर से 4 दिसंबर 2020 तक किया गया था।

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