Indian NewsUncategorizedUniversity/Central University
Trending

15 दिसंबर से खुलेंगे उत्तराखंड में कॉलेज, सरकार ने जारी किए अनिवार्य नियम

देहरादून :
उत्तराखंड सरकार ने यूजीसी के कॉलेज खोलने को लेकर जारी दिशा- निर्देशों को ध्यान मे रखते हुए राज्य में लॉकडाउन के कारण बंद उच्च शिक्षा संस्थानों को फिर से खोलने का निर्णय लिया है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक 15 दिसंबर से ये उच्च शिक्षा संस्थान फिर से खोल दिए जाएंगे। स्कूल में उपस्थित होने के लिए छात्रों को आरटी-पीसीआर परीक्षण और माता-पिता से अनुमति पत्र प्राप्त करने की आवश्यकता होगी।

कुल 29 प्रस्तावों में से 27 को मिली मंजूरी –

राज्य में इस महीने उच्च शिक्षा संस्थानों को फिर से खोलने का फैसला बुधवार को यहां उत्तराखंड मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली एक समिति ने पहले ही राज्य में उच्च शिक्षा के संस्थानों को अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी थी, जिसे कैबिनेट की मंजूरी मिली थी। सूत्रों ने कहा कि कैबिनेट ने बुधवार को इससे पहले रखे गए कुल 29 प्रस्तावों में से 27 को मंजूरी दे दी।

20 प्रतिशत को पहले चरण में टीका लगाया जाएगा –

कैबिनेट मीटिंग के दौरान कोरोना वायरस के वैक्सीनेशन के बारे में एक प्रेजेंटेशन भी दी गई थी और राज्य में वैक्सीनेशन उपलब्ध होने के बाद सभी को इसे कैसे प्रदान किया जाएगा इस पार भी बात हुई। राज्य की कुल आबादी के 20 प्रतिशत को पहले चरण में टीका लगाया जाएगा, जिसमें 55 वर्ष से अधिक आयु के लोग और फ्रंटलाइन कार्यकर्ता शामिल हैं, जिन्हें संक्रमण होने का खतरा अधिक है।

राज्य सरकार और यूजीसी द्वारा जारी नियमों का सख्ती से पालन करना अनिवार्य –

बता दें कि उत्तराखंड में स्कूलों को 2 नवंबर से फिर से खोल दिया गया था, जिसमें कई कोविड -19 सुरक्षा उपायों को जगह दी गई थी, हालांकि वैश्विक महामारी के बीच संक्रमण के जोखिम के कारण कक्षाओं में उपस्थिति कम रही। गृह मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी राज्य सरकारों के विवेक के अनुसार देश भर के स्कूलों को फिर से खोलने की अनुमति दी है। कई राज्यों ने महामारी के कारण स्कूलों को 31 दिसंबर तक बंद रखने का फैसला किया है। कॉलेज, विश्वविद्यालयों को राज्य सरकार और यूजीसी द्वारा जारी अनिवार्य नियमों का सख्ती से पालन करना होगा।

अन्य और खबरें पढ़ें यहां 

एएमयू में आईआईसीएचए की दूसरी राष्ट्रीय ई-संगोष्ठी का हुआ आयोजन

लखनऊ :
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में आईआईसीएचए की दूसरी राष्ट्रीय ई-संगोष्ठी का आयोजन ”पीपुल एक्सेस टु हेल्थकेयर विदाउट प्रोस्पेक्ट्स आफ फाइनेंसियल हार्डशिप्स” विषय पर किया गया। यह आयोजन यूनानी मेडिसिन संकाय तथा इंडियन इंटिगरेटेड कम्यूनिटी हेल्थ एसोसिएशन (आईआईसीएचए) एवं सिमनन इम्पीरियल गिल्ड (एसआईजी) के सहयोग से किया गया।

कोविड-19 पर आयुर्वेद के योगदान पर चर्चा –

प्रोफेसर एम अतहर अंसारी (पूर्व अध्यक्ष, सामुदायिक चिकित्सा विभाग, एएमयू) ने ”भारत में संक्रमण संबन्धित स्वास्थ्य व्ययः एक अवलोकन” पर बात की। उन्होंने समस्या के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की और उनके लिए समाधान सुझाए। प्रो खान मोहम्मद कैसर (एमआईजे तिब्बिया कालिज, मुंबई) ने ”पीपुल्स सफरिंग फाइनेंशियल हार्डशिप इन हेल्थकेयर-प्राब्लम्स एंड प्राबेबिल साल्यूशन” और डा शिव कुमार हार्टी (आल इंडिया इंस्टीट्यूट आफ आयुर्वेद, नई दिल्ली) ने ”कोविड -19 महामारी में सुलभ हेल्थ केयर के लिए आयुर्वेद का योगदान” पर चर्चा की।

पूरी खबर पढ़ें यहां (क्लिक करें)…

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
%d bloggers like this: