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बिहार के विवि में अगले सत्र से शुरू होंगे जल व पर्यावरण संरक्षण एवं वायु प्रदूषण की पढ़ाई

पटना :
बिहार के सभी विश्वविद्यालयों में स्नातक के छात्रों के लिए अगले सत्र से जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, वायु प्रदूषण तथा उससे बचाव संबंधी तीन नये पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे है। राजभवन सचिवालय ने कुलपतियों को अगले शैक्षणिक सत्र से संबंधित विषयों में पढ़ाई शुरू करने का निर्देश भी दे दिया है। प्रत्येक विषय में विद्यार्थियों के दाखिले के लिए 60-60 सीटें तय की गई हैं। इसके लिए राज्यपाल एवं कुलाधिपति की ओर से यूजीसी गाइडलाइन का अनुपालन सुनिश्चित कराने का आदेश दिया गया है। इसका मकसद छात्र-छात्राओं में पर्यावरण, जल संरक्षण तथा वायु प्रदूषण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इसे रोजगार से भी जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।

अतिरिक्‍त विषय के रूप में पढ़ाई कराना अनिवार्य –

राजभवन सचिवालय के एक अधिकारी ने बताया कि विश्‍वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने अंडर ग्रेजुएट स्तर के सभी विषयों के साथ अतिरिक्त विषय के रूप में पर्यावरण, जल संरक्षण व वायु प्रदूषण और उससे बचाव को पढ़ाना अनिवार्य कर दिया है। इसके बारे में पिछले साल सभी विश्वविद्यालयों को गाइडलाइन जारी किया गया था। लेकिन कोरोना की महामारी के चलते किसी विश्वविद्यालय ने नये पाठ्यक्रमों को लागू नहीं किया, साथ ही गाइडलाइन का अनुपालन भी नहीं किया।

जल संरक्षण विषय का टीचिंग माड्यूल जारी –

यूजीसी ने अंडर ग्रेजुएट स्तर पर पर्यावरण तथा जल संरक्षण विषय पढ़ाने का टीचिंग माड्यूल भी जारी किया है जिसे लागू करना अनिवार्य है। बता दें कि जो उच्च शिक्षण संस्थान इसका अनुसरण नहीं करेंगे, उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। यूजीसी ने ऐसे शिक्षण संस्थानों को लेकर सख्त रूख अपनाने का संकेत भी दिया है। सर्वोच्च न्यायालय ने भी पर्यावरण, जल संरक्षण को विषय के रूप में विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों एवं अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई को अनिवार्य करने का आदेश दे रखा है। नये पाठ्यक्रमों से जुड़ी अपडेट्स जल्द ही विवि के लिए जारी कर दी जाएंगी। ऐसे मे अगले सत्र से जल व पर्यावरण संरक्षण एवं वायु प्रदूषण के कोर्स शुरू होने ने छात्रों मे इससे संबंधित जागरूकता के साथ साथ रोजगार के अवसर भी जुड़ेंगे।

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यूजीसी ने नव भारत निर्माण के लिए छात्रों के विचार आमंत्रित, 15 दिसंबर तक करें आवेदन

नई दिल्ली :
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने नव भारत निर्माण के लिए सरकारी डिग्री कालेजों या अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत ऐसे छात्र जो स्मार्ट गांव, कृषि, जल संसाधन प्रबंधन, क्लीन एनर्जी साल्यूशन विषय पर अच्छी पकड़ रखते हैं, उनके विचार आमंत्रित किए है। ऐसे होनहार छात्रों के लिए राष्ट्रीय फलक पर पहचान बनाने का मौका है। इसके लिए आपको ‘नव भारत निर्माण – बिल्डिंग आफ द न्यू इंडिया’ प्रतियोगिता में भाग लेना होगा। इसके लिए 15 दिसंबर तक आवेदन करने का मौका है।

इस बार छठा विज्ञान महोत्सव 22 से 25 दिसंबर को नई दिल्ली में –

विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से प्रतिवर्ष विजना भारती के सहयोग से ‘भारतीय अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव’ का आयोजन किया जाता है। इस बार छठा विज्ञान महोत्सव 22 से 25 दिसंबर को नई दिल्ली में वर्चुअल मोड में आयोजित किया जाएगा। छठे विज्ञान महोत्सव की थीम ‘आत्मनिर्भर भारत और वैश्विक कल्याण के लिए विज्ञान की महत्ता’ रखी गई है।

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