Indian News

एमसीयू मे चार दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का शुभारंभ, जाने माने मीडिया प्रोफेशनल ने किया मार्गदर्शित

भोपाल :
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (एमसीयू) भोपाल में मध्यप्रदेश के जनसंपर्क अधिकारियों के चार दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का सोमवार को शुभारंभ हुआ। शुभारंभ सत्र में जनसंपर्क अधिकारियों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि सुदाम खाड़े आयुक्त जनसंपर्क ने कहा कि डिजीटल मीडिया की व्यापकता को देखते हुए जनसंपर्क व्यवसाय में सूचना की प्रमाणिकता एवं विश्वसनीयता परम आवश्यक है, भ्रामक और झूठी सूचनाएं भी चुनौती है।

समाचारों की संख्या से अधिक महत्वपूर्ण है समाचारों की पहुंच –

कार्यक्रम के अध्यक्षीय उद्बोधन में पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. के.जी. सुरेश ने कहा कि उपनिवेश काल और इसके बाद भारतीय सिनेमा की एक पक्षीय प्रस्तुति से शासन व्यवस्था और राजनीतिज्ञों के प्रति जनमानस में नकारात्मक छवि बन गई है, जिसे बदलने की आवश्यकता है, बेहतर और प्रभावी जनसंपर्क से इसे बदला जा सकता है। प्रो. सुरेश ने कहा कि सोशल मीडिया और डिजीटल मीडिया के दौर में जनसंपर्क अधिकारियों को चौबीस घंटे, तीन सौ पैंसठ दिन ही ड्यूटी करने की चुनौति है। समाचारों की संख्या से अधिक महत्वपूर्ण है समाचारों की पहुंच और प्रभाव जनता तक पुहंचाना ही वास्तव में जनसंपर्क है। सफल जनसंपर्क व्यवस्था में समाचार के छप जाने से महत्वपूर्ण सूचना का लक्षित लोगों तक प्रभावी रूप से पहुंचाना है।

पहले दिन देश के जाने माने मीडिया विशेषज्ञ मार्गदर्शन –

जनसंपर्क अधिकारियों के चार दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम में देश के जाने माने मीडिया प्रोफेशनल अपना मार्गदर्शन दे रहे हैं। पहले दिन देश के जाने माने मीडिया विशेषज्ञ और टीवी 9 के बिजनेस हैड राकेश खर, वरिष्ठ पत्रकार गिरीश उपाध्याय, पूर्व संचालक (जनसंपर्क) श्री लाजपत आहूजा, और विश्वविद्यालय के वरिष्ठ सहायक प्राध्यापक डॉ. पवन मलिक ने मार्गदर्शन दिया। अंतर्संवाद सत्रों के माध्यम से जनसंपर्क अधिकारी भी अपनी कठिनाइयों और अनुभवों को साझा कर रहे हैं।

नए तरीके और नई तकनीक से जनसंपर्क करने की सीख दी –

शुभारंभ सत्र में कार्यक्रम संयोजक प्रो. अनुराग सीठा ने कहा कि कोरोना महामारी के कठिन समय ने हमें नए तरीके और नई तकनीक से जनसंपर्क करने की सीख दी है। शुभारंभ सत्र में विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. अविनाश वाजपेयी ने आभार व्यक्त किया, सत्र का संचालन डॉ. गरिमा पटेल ने किया।

अन्य और खबरें पढ़ें यहां –

आइवीआरआइ मे शुरू होंगे बीएसएसी और एमएससी के नए कोर्स, विदेशों से आएंगे छात्र

लखनऊ :
भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आइवीआरआइ) में जल्द ही नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के लागू होने को लेकर पाठ्यक्रमों मे बदलाव की तैयारी की जा रही है। इसके लिए वोकेशनल एजुकेशन से जुड़े स्नातक व परास्नतक में नए कोर्स खोले जाएंगे। संस्थान ने कॉलेजों को कोर्स चलाने की सम्बद्धता देने और इंटरनेशनल सेंटर स्थापित करने पर भी विचार किया है। जिससे विदेशी छात्र भी यहां पढ़ने के लिए आ सकें। दो दिन पहले संस्थान में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन को लेकर हुई बैठक में इस पर विचार विमर्श किया गया है। वरिष्ठ वैज्ञानिकों से सुझाव भी मांगे गए हैं। इसी सप्ताह एक और बैठक बुलाई जाएगी, जिसके बाद फाइनल प्रस्ताव बनाकर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आइसीएआर) को भेज दिया जाएगा।

शैक्षिक संस्थानों के लिए नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू कर दी –

दरअसल, केंद्र सरकार ने शैक्षिक संस्थानों के लिए नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू कर दी है। सभी स्कूल-कॉलेजों से लेकर विश्वविद्यालयों को इसे अपने यहां क्रियान्वित करना है। इसको लेकर 10 दिसंबर को संस्थान के निदेशक एवं कुलपति डॉ. बीपी मिश्रा की अध्यक्षता में ऑनलाइन बैठक मे नई शिक्षा नीति के तहत इस डीम्ड यूनिवर्सिटी को मल्टी डिसिप्लीनरी एजुकेशन एवं रिसर्च यूनिवर्सिटी के रूप में विकसित करने की चर्चा हुई।

पूरी खबर पढ़ें यहां (क्लिक करें)…

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
%d bloggers like this: