Indian News

आरआरबी की पहले चरण की रेलवे भर्ती परीक्षा आज से, प्रवेश पत्र पहले हो चुके है जारी

नई दिल्ली :
रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) ने वर्ष 2019 मे जारी विभिन्न भर्ती विज्ञापन के अंतर्गत पहले चरण की रेलवे भर्ती परीक्षा के प्रवेश पत्र जारी कर दिए है। विज्ञापन के अंतर्गत मिनिस्टीरियल और आइसोलेटिड कटेगरी में केंद्रीयकृत रोजगार अधिसूचना – सीईएन 03/2019 के पहले चरण की परीक्षा का आयोजन 15 दिसंबर 2020 से किया जाएगा। पहले चरण में आरआरबी एमआई 2019-20 के लिए स्टेज सीबीटी 1 की परीक्षा 18 दिसंबर तक चलेगी। पहले चरण की परीक्षा के लिए कुल 354 केंद्र बनाये गये हैं और कुल 1663 पदों के लिए 1.03 लाख उम्मीदवार परीक्षा में सम्मिलित होंगे।

कोविड-19 से सम्बन्धित निर्देश जारी किये –

वहीं रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) द्वारा मिनिस्टीरियल और आइसोलेटिड कटेगरी कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (सीबीटी) 1 में सम्मिलित होने जा रहे उम्मीदवारों के लिए कोविड-19 से सम्बन्धित निर्देश जारी किये हैं, जिनका पालन करना सभी उम्मीदवारों के लिए अनिवार्य है। बोर्ड द्वारा 11 दिसंबर को जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार सभी उम्मीदवारों को केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा कोविड-19 महामारी के मद्देनजर सावधानियों और सुरक्षात्मक उपायों को अमल में लाना होगा।

– सभी को सामाजिक दूरी का पालन अनिवार्य है।
– मास्क या फैस कवर से मुँह और नॉक ढककर रखें। प्रवेश के व परीक्षा के दौरान चेकिंग के समय मास्क और फेस कवर हटाना होगा।
– हैंड सैनिटाइजर का प्रयोग करें। अपने साथ 50 एमएल की पारदर्शी शीशी में सैनिटाइजर ले जा सकते हैं।
– परीक्षा केंद्र पर प्रवेश के समय उम्मीदवारों का तापमान चेक किया जाएगा। निर्धारित सीमा से अधिक तापमान होने पर प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
– उम्मीदवारों को कोविड-19 से सम्बन्धित स्व-घोषणा को हस्ताक्षर करके अपने साथ ले जाना होगा। इसके बिना प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
– परीक्षा केंद्रों पर एक शिफ्ट की परीक्षा के बाद दूसरे शिफ्ट की परीक्षा के पहले पूरे केंद्र को सैनिटाइज किया जाएगा।

सेंट्रलाइज्ड लिंक से अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं –

ध्यान रहे, जिन अभ्यर्थियों ने विभिन्न रेलवे भर्ती जोन में अपना प्रवेश पत्र अभी तक डाउनलोड नहीं किया है, वे सेंट्रलाइज्ड लिंक www.rrbcdg.gov.in  से अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। इसके बिना छात्रों को परीक्षा केन्द्र मे एंट्री नही दी जाएगी।

अन्य और खबरें पढ़ें यहां –

सरकारी कोटे से पीजी करने वाले चिकित्सकों के सेवा शर्तों में हुआ परिवर्तन

लखनऊ :
सरकारी कोटे से पीजी सीटों पर प्रवेश लेकर पढ़ाई कर बीच नौकरी छोड़ देने को सरकार ने गम्भीरता से लिया है। सरकारी कोटे से पीजी की पढ़ाई करने पर सरकार ने दस साल तक सेवा देने का निर्देश दिया है, सरकार ने नियमों में बदलाव करते हुए शर्त रख दी है कि यदि पीजी करने के बाद बीच में सरकारी नौकरी छोड़ने पर एक करोड़ रुपये हर्जाना राज्य सरकार को देना होगा।

बीच में पीजी अध्ययन छोड़ने पर तीन वर्ष तक प्रतिबंध –

सरकार ने पीएमएस के चिकित्सकों के लिए पीजी में अध्ययन के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) की शर्तों में बदलाव कर दिया है। बीच में ही पीजी का अध्ययन छोड़ने पर तीन वर्ष तक पुनः आवेदन नहीं कर सकेंगे।

ग्रामीणस्वास्थ्य को सुगठित करने के लिए सरकारी कोटे का है प्रावधान –

ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की आवश्यकता को देखते हुए ,प्रांतीय चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा संवर्ग (पीएमएस )के एमबीबीएस डिग्रीधारी चिकित्सकों के लिए सरकारी कोटे से पीजी पाठ्यक्रम में दाखिले का प्रावधान किया गया है।

पूरी खबर पढ़ें यहां (क्लिक करें)

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
%d bloggers like this: