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मीडिया में परिवर्तन के जनक थे मार्शल मैक्लुहान : अजय उपाध्याय

नई दिल्ली : ”वर्ल्ड वाइड वेब के आने से करीब 30 वर्ष पहले ही मार्शल मैक्लुहान ने वेब टेक्नोलॉजी के बारे में भविष्यवाणी की थी और उसके प्रभाव के बारे में बताया था। मेरा मानना है कि आज मीडिया में हम जितने परिवर्तन देख रहे हैं, उसके जनक मैक्लुहान थे।” यह विचार वरिष्ठ पत्रकार एवं एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के पूर्व महासचिव अजय उपाध्याय ने शुक्रवार को भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) द्वारा आयोजित कार्यक्रम ‘शुक्रवार संवाद’ में व्यक्त किए। इस अवसर पर आईआईएमसी के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी एवं अपर महानिदेशक के. सतीश नंबूदिरीपाड विशेष तौर पर उपस्थित थे।

‘मार्शल मैक्लुहानवाद का पुनर्जन्म’ विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए अजय उपाध्याय ने कहा कि मैक्लुहान उस समय चर्चाओं में आए, जब उन्होंने 1960 में यह बताया कि हमारा समाज तकनीक और जानकारी साझा करने के तरीके से प्रभावित होगा। मैक्लुहान के लिए मानव इतिहास शाब्दिक युग, साहित्यिक युग, प्रिंट युग और इलेक्ट्रॉनिक युग जैसे चार प्रमुख संचार कालों में बंटा हुआ था।

उपाध्याय के अनुसार 1962 में लिखी अपनी किताब The Gutenberg Galaxy में मैक्लुहान ने बताया था कि किस तरह इलेक्ट्रॉनिक तकनीक के कारण दुनिया एक ‘ग्लोबल विलेज’ के समान आपस में जुड़ी होगी। इस किताब में उन्होंने वर्तमान में इस्तेमाल होने वाली वेब टेक्नोलॉजी की भी भविष्यवाणी की थी। जबकि यह तकनीक मैक्लुहान की मौत के एक दशक बाद तक नहीं आई थी। उन्होंने इस बात का आभास भी पहले ही कर लिया था कि आने वाले समय में समाज का निर्माण टेक्नोलॉजी पर निर्भर करेगा।

उपाध्याय ने कहा कि मैक्लुहान ने इस तथ्य को स्वीकार किया था कि प्रिंट मीडिया ने पश्चिमी देशों में लोकतंत्र, पूंजीवाद और राष्ट्रवाद के आगमन में एक निर्णायक भूमिका निभाई है। अपनी पुस्तक Medium is the Massage: An Inventory of Effects में उन्होंने इसका जिक्र किया था। इस पुस्तक के बाद ही उनका यह कथन लोकप्रिय हुआ कि ‘माध्यम ही संदेश है।’

कार्यक्रम का संचालन प्रो. अनुभूति यादव ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन प्रो. आनंद प्रधान ने किया।

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