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समाज के लिए कुछ करना ही एंथ्रोपोलॉजी का वास्तविक अर्थ है : प्रो. भौमिक

प्रो. गोपाल शरण मेमोरियल लेक्चर सीरीज का आयोजन

लखनऊ : एशियन इंस्टिट्यूट ऑफ ह्यूमन साइंस एंड डेवलपमेंट द्वारा प्रो. गोपाल शरण मेमोरियल लेक्चर सीरीज का आयोजन शनिवार को किया गया। इस सीरीज में देश और विदेश के कई प्रोफेसर एवं मानवशास्त्रियों ने भाग लिया। स्वागत वक्तव्य प्रो. उदय प्रताप सिंह द्वारा दिया गया। प्रो. अमिया भौमिक, संस्थापक लिंकन यूनिवर्सिटी कॉलेज, मलेशिया ने प्रो. शरण की स्मृति में कहा कि वह एक पूर्ण शिक्षक, मानवतावादी एवं विनम्र इंसान थे। जिस तरह से उन्होंने अनुशासन एवं मानवता का पाठ पढ़ाया वह आज के समय में प्रासंगिक है एवं वर्तमान कोविड-19 से लोगों को बचाने के लिए आवश्यक भी। उन्होंने बताया कि प्रो. गोपाल शरण एवं प्रो. बनवीर जैसे शिक्षकों से सीख कर गर्व महसूस होता है। प्रो. भौमिक ने कहा कि आइए समाज के लिए कुछ करते हैं क्योंकि यही एंथ्रोपोलॉजी का वास्तविक अर्थ है।

भारतीय मानव शास्त्रियों को पाठ्यक्रम में स्थान मिलना चाहिए : प्रो कपूर
दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रो. कपूर ने बताया कि सभी यूनिवर्सिटीज को चाहिए की पूर्व प्रोफेसर्स की स्मृति में इस तरह के लेक्चर सीरीज का आयोजन करें। हमें विदेशी मानवशास्त्रियों के स्थान पर भारतीय मानवशास्त्रियों को हाईलाइट करना चाहिए एवं पाठ्यक्रम में उन्हें स्थान देना चाहिए। मानव शास्त्र के मूल तत्त्व को ध्यान में रखकर हमें सामाजिक एवं शारीरिक मानव शास्त्र में भेदभाव नहीं स्थापित करना चाहिए।
प्रो. पी. के. मिश्रा ने भी प्रो. शरण की स्मृति में कहा कि एंथ्रोपोलॉजी में उनका बड़ा योगदान है, विशेषकर विषय की क्रियाविधि में। डॉ अतुल प्रताप सिंह ने ट्राइबल, रूरल एवं अर्बन समाज में सस्टेनेबल डेवलपमेंट के कांसेप्ट को विस्तार से समझाया एवं गरीबी निवारण के लिए आवश्यक उपायों पर चर्चा की।
डॉ. जयंत चौधरी ने ट्राइबल लाइवलीहुड इन कोविद -19 सिचुएशन, इश्यूज एंड चैलेंजेज पर व्याख्यान दिया। प्रो. गीतिका रंजन ने प्रो. शरण की स्मृति में कहा की वह एक उत्कृष्ट विद्वान थे। विषय को आगे बढ़ाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान है। एंथ्रोपोलॉजी में क्या और कैसे करना है हमे उनसे सीखना चाहिए। नवाब मीर जफ़र अब्दुल्लाह ने प्रेसिडेन्सिअल एड्रेस दिया। डॉ. गौरव मिश्रा ने वेबिनार का सञ्चालन, डॉ. मासियत रिज़वी ने कोआर्डिनेशन एवं डॉ. नीतू सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। वेबिनार में 100 से भी अधिक लोगों ने सहभागिता की।

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