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मेधावी छात्र-छात्राओं ने भरी कामयाबी की उड़ान, जिले का नाम किया रोशन

बांदा। शहर के विद्यावती निगम मेमोरियल पब्लिक स्कूल का सीबीएसई बोर्ड का परिणाम घोषित होते ही मंगलवार को मेधावी छात्र-छात्राओं के घरों से लेकर विद्यालयों तक खुशी व उल्ला का माहौल रहा। विद्यावती निगम मेमोरियल स्कूल में छात्र सामर्थ्य बोस ने सर्वाधिक 98.6 फीसद अंक हासिल कर जिले का गौरव बढ़ाया। वहीं इसी विद्यालय के श्रवण अग्रवाल ने 97.8, श्रेष्ठ कुमार द्विवेदी व प्रज्जवल द्विवेदी ने 97.6, गनेश कुमार ने 97, गौरीशंकर निगम व शिवांश गुप्ता ने 96.6 और उत्कर्ष दीक्षित ने 90.2 फीसद अंक हासिल किया। परिणाम आने के बाद विद्यावती निगम स्कूल में खुशियां मनाई गईं। सभी सफल बच्चों को प्रधानाचार्य डॉ. संगीता ने बधाई दी और मुंह मीठा कराया।

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डाक्टर व इंजीनियर बनना है होनहारों का सपना

हांलाकि खबर लिखे जाने तक हमारा संपर्क कुछ ही मेधावी छात्रों से हुआ जिसमें सभी छात्रों ने हमसे बताया की कैसे उन्होंने इतने प्रतिशत प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है उन्होंने ये भी बताया की आगे भविष्य में वो क्या बनना चाहते हैं।

सामर्थ्य बोस : विद्यावती निगम मेमोरियल पब्लिक स्कूल के टॉपर सामर्थ्य बोस ने हमसे बताया की सुबह से परिणाम जानने की चिंता थी। परिणाम देखकर खुशी हुई। स्कूल में टॉप करना गर्व की बात है। परीक्षा में अच्छे नंबर प्राप्त करने के लिए लगातार कई-कई घंटों तक पढ़ाई की थी और आज मेरी मेहनत रंग लाई जिसकी वजह से मैंने स्कूल व जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने कहा की आगे भी वह इसी तरह अपनी पढाई जारी रखेंगे जिससे उनके आगे भविष्य का रास्ता तय होगा। आपको बता दें की सामर्थ्य बोस ने सर्वाधिक 98.6 फीसद अंक प्राप्त किये हैं ।

श्रवण अग्रवाल :  जिले में 97.8 प्रतिशत ला कर दूसरा स्थान प्राप्त करने वाले श्रवण अग्रवाल ने कहा की परीक्षा की तैयारी के लिए नियमित रूप से पढ़ाई की थी। स्वजन के साथ ही स्कूल के अध्यापकों ने भी परीक्षा की तैयारी में काफी मदद की थी। मेहनत का परिणाम अच्छे नंबरों के रूप में सामने आया है। उन्होंने कहा की मुझे गर्व है मैंने दूसरा स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने बताया की मैं नियमित रूप से पढाई करता था, कोरोना महामारी के दौरान मैंने ऑनलाइन क्लासेज में भी पढाई की है जिसका परिणाम आज सबके सामने है।

90 .2 प्रतिशत प्राप्त करने वाले उत्कर्ष दीक्षित ने हमसे बताया की परीक्षा में उम्मीद के अनुरूप अंक प्राप्त किए हैं। उन्होंने बताया की जिस समय में उनके उम्र के बच्चे ऑनलाइन गेम खेलते थे उस समय उन्होंने अपना पूरा समय पढाई को दिया। उन्होंने कहा की उम्मीद थी कि ऑफलाइन परीक्षा का आयोजन होगा। बाद में परीक्षा न कराने का निर्णय लिया गया। कोरोना संक्रमण को देखते हुए यह सही था। उन्होंने बताया की उन्होंने प्री-बोर्ड में भी अच्छा प्रदर्शन किया था। आज रिजल्ट आने के बाद उनके गणित में सर्वाधिक 96 नंबर है और अब उन्होंने JEE Mains की तैयारी करना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा की आगे चल कर इंजीनियर बनना चाहता हूँ।

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