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हरियाणा के संस्‍कृृत विश्‍वविद्यालय में भ्रष्‍टाचार का जल्‍द पर्दाफाश, शैक्षणिक पदों पर भर्ती से जुड़ा है मामला

महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय में शैक्षणिक पदों पर भर्ती में भ्रष्टाचार का मामला जल्‍द ही उजागर होगा। विजिलेंस की जांच पूरी हो चुकी है। विजिलेंस ने जांच पूरी कर जिला प्रशासन को सौंपी। प्रशासनिक अधिकारी सरकार को भेजेंगे रिपोर्ट।

कैथल, हरियाणा। कैथल के मूंदड़ी में स्थापित होने वाले प्रदेश के पहले महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय में शैक्षणिक पदों पर भर्ती में भ्रष्टाचार के मामले में विजिलेंस ने जांच पूरी कर ली है। जांच पूरी करने के बाद जांच रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंप दी है। अब जिला प्रशासन द्वारा इस रिपोर्ट को सरकार के पास भेजा जाएगा।

बता दें कि विवि के पूर्व कुलपति श्रेयांश द्विवेदी पर सरकार के नियमों के अवहेलना कर शैक्षणिक पदों पर भर्ती करने का आरोप लगा था। हालांकि अब श्रेयांश द्विवेदी इस विवि के कुलपति नहीं है। वह पिछले महीने ही राज्यपाल को इस्तीफा दे चुके हैं और उनका इस्तीफा मंजूर भी हो गया है। अब भिवानी के बंसीलाल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजकुमार मित्तल को कुलपति का कार्यभार सौंपा गया है। जबकि विजिलेंस की जांच के दायरे में पूर्व कुलपति है। जांच के दौरान विवि के अन्य स्टाफ सदस्यों से भी जानकारी हासिल की गई थी।

मई में शुरू हुई थी विजिलेंस की जांच

विवि हुई शैक्षणिक भर्ती के मामले में विजिलेंस द्वारा 18 मई काे जांच शुरू की गई थी। इसी तिथि को सरकार के आदेशों के तहत विजिलेंस की टीम दस्तावेजों की जांच करने के लिए पहुंची थी। जांच शुरू करने के बाद करीब 15 दिनों के बाद विजिलेंस की टीम ने विश्वविद्यालय के स्टाफ सदस्यों के बयान लेना शुरू किए थे। विजिलेंस द्वारा स्टाफ सदस्यों से ली गई जानकारी व उनकी पहचान को गुप्त रखा गया है।

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भर्ती में भ्रष्टाचार का यह है मामला

यूजीसी ने वर्ष 2018 में एक एक्ट जारी किया था। जिसमें प्राध्यापकों के वेतन को लेकर नए नियम बनाए गए थे। इस नियम को अभी तक प्रदेश सरकार ने जारी नहीं किया है। इस दौरान वर्ष 2020 में कोरोना काल से पहले विवि प्रशासन ने फरवरी में यूजीसी एक्ट 2018 के तहत नौ पदों पर भर्ती की थी। इसको लेकर ही एक शिकायत सीएम और शिक्षा निदेशालय को दी गई थी। जिसके बाद यह मामला हाईकोर्ट भी पहुंचा था। उस दौरान विवि प्रशासन ने इस भर्ती को रद कर दिया था। विवि में हुई भर्ती काे लेकर पूर्व कुलपति श्रेयांश द्विवेदी पर भर्ती में अनियमितता बरतने का आरोप भी लगा था। इस मामले में विजिलेंस की जांच शुरू हुई थी, जो अब पूरी हो चुकी है। इस पर कार्रवाई का फैसला सरकार द्वारा ही लिया जाना है।

सरकार के आदेशों के तहत महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विवि हुई शैक्षणिक भर्ती के मामले में जांच शुरू की थी। इस जांच में विवि में स्टाफ सदस्यों व शिकायतकर्ता के बयान दर्ज किए गए हैं। उसी बयानों के आधार पर रिपोर्ट बनाकर जिला प्रशासन को सौंप दी गई है। अब जिला प्रशासनिक अधिकारी ही सरकार के पास इस रिपोर्ट को भेजेंगे।

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