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कोरोना महामारी को देखते हुए कलकत्ता विश्वविद्यालय ने माफ की सभी छात्रों की ट्यूशन फीस

कलकत्ता विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक वर्ष 2021-22 के लिए सभी छात्रों की ट्यूशन फीस माफ करने की घोषणा कर छात्रों को बड़ी आराम दी है।

कोलकाता। कलकत्ता विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक वर्ष 2021-22 के लिए सभी स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों और संस्थान द्वारा संचालित दो स्नातक कार्यक्रमों के छात्रों के लिए फीस माफ कर दी है। विश्वविद्यालय ने फीस इस बात को ध्यान में रखते हुए माफ की है कि कोविड-19 महामारी के कारण परिवारों को वित्तीय दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। संस्था ने एक अधिसूचना में यह भी कहा कि अंतिम वर्ष के छात्रों को अंकपत्र प्राप्त करने के लिए अपने बकाया का भुगतान करने की आवश्यकता नहीं है।

कार्यवाहक रजिस्ट्रार देबाशीष दास द्वारा अधोहस्ताक्षरी अधिसूचना में कहा गया है, ‘‘यह सभी संबंधितों की जानकारी के लिए है कि वर्तमान महामारी की स्थिति को देखते हुए विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक वर्ष 2021-2022 के छात्रों (स्नातकोत्तर और विश्वविद्यालय स्नातक छात्रों) का प्रवेश शुल्क, ट्यूशन फीस और परीक्षा शुल्क जैसे सभी शुल्क माफ कर दिए हैं। विभिन्न सेमेस्टर सेमेस्टर परीक्षाओं की अंकपत्र या ग्रेडशीट एकत्रित करने के लिए छात्रों को शुल्क का भुगतान करने की आवश्यकता नहीं है।’’

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164 वर्ष पुराने विश्वविद्यालय की कुलपति सोनाली चक्रवर्ती बंधोपाध्याय ने पीटीआई-भाषा से कहा कि निर्णय छात्रों के हित में लिया गया है। अन्य स्नातक पाठ्यक्रमों के बारे में पूछे जाने पर, उन्होंने कहा कि संबद्ध कॉलेज उनके अपने शासी निकायों द्वारा चलाए जाते हैं और विश्वविद्यालय उनके लिए ऐसा कोई निर्णय नहीं ले सकता है।

यहां स्कूलों की फीस में 15 प्रतिशत तक की कटौती

महाराष्ट्र सरकार ने हाल ही में सभी बोर्ड और माध्यमों के स्कूल प्रबंधन को अकादमिक सत्र 2021-22 के लिए फीस में 15 प्रतिशत तक कटौती करने का निर्देश दिया था। स्कूली शिक्षा विभाग की ओर से जारी एक सरकारी आदेश के अनुसार, यदि फीस का पूरा भुगतान कर दिया गया है तो स्कूलों को उसे वापस करना होगा या अगले अकादमिक सत्र में उस हिसाब से कम फीस लेनी होगी। विवाद की स्थिति में संभागीय शिक्षा शुल्क नियामक संस्था में एक याचिका दायर करनी होगी और उसका फैसला सभी पर बाध्यकारी होगा।

आदेश में कहा गया कि सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि यदि कोई छात्र फीस नहीं दे पाता है तो स्कूल प्रबंधन उसे ऑनलाइन या कक्षा में उपस्थित होकर पढ़ाई करने से वंचित नहीं कर सकता।

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