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प्रमोद भगत और नोएडा के डीएम सुहास एल यथिराज ने फाइनल में पहुंचकर रचा इतिहास, गोल्ड जीतने से एक कदम दूर

भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी प्रमोद भगत ने शानदार खेल दिखाते हुए फाइनल में पहुंचकर इतिहास रच दिया। मेन्स सिंगल्स के एसएल3 क्लास सेमीफाइनल में प्रमोद ने जापानी खिलाड़ी फुजिहारा 21-11 21-16 से हराया।

टोक्यो। जापान की राजधानी टोक्यो में खेले जा रहे पैरालिंपिक में भारतीय दल ने अब तक ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है। शनिवार को भारत को सुबह एक और खुशखबरी बैडमिंटन कोर्ट से मिली। भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी प्रमोद भगत ने शानदार खेल दिखाते हुए फाइनल में पहुंचकर इतिहास रच दिया। मेन्स सिंगल्स के एसएल3 क्लास सेमीफाइनल में प्रमोद ने जापानी खिलाड़ी फुजिहारा को 21-11, 21-16 से हराया।

भारत का टोक्यो पैरालिंपिक में शानदार प्रदर्शन जारी है। अब तक 13 मेडल जीत चुके भारतीय दल ने एक और पदक पक्का कर लिया। शनिवार को बैडमिंटन पुरुष सिंगल्स मुकाबले में प्रमोद भगत ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए फाइनल में जगह पक्की की। इस जीत के साथ ही गोल्ड मेडल जीतने के करीब पहुंच गए हैं।

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महज एक कदम और तय करते ही यह मेडल भारत का होगा। प्रमोद भारत के ऐसा पहले भारतीय पुरुष खिलाड़ी बनें जो ओलंपिक या पैरालंपिक खेलों में बैंडमिटन में सिंगल्स फाइनल खेलेंगे।

भारतीय खिलाड़ी ने जापानी खिलाड़ी को बेहद आसानी से दो सीधे गेम में मात दी। पहला गेम भगत ने 21-11 से जीता जबकि दूसरे गेम में उनको थोड़ी मेहनत करनी पड़ी। इस गेम में उनको 21-16 से जीत मिली। इस जीत के साथ ही फाइनल में जगह बनाने वाले वह पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए।

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नोएडा के डीएम सुहास एल यथिराज भी पहुंचे फाइनल में

भारत अब तक 15 पदक पक्के कर चुका है। शनिवार को प्रमोद भगत और सुहास एल यथिराज ने अपने बैडमिंटन सेमीफाइनल मैच जीतकर फाइनल में जगह बनाई और भारत का दो पदक और पक्का कर दिया। अब यह दोनों ही खिलाड़ी गोल्ड मेडल जीतने के लिए कोर्ट में उतरेंगे।

शनिवार को भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी मेंस सिंगल्स SL4 ग्रुप मुकाबले में सुहास ने 2-0 से जीत हासिल कर फाइनल में कदम रखा। इंडोनेशिया के खिलाड़ी सेतियावान फ्रेडी के खिलाफ सीधे गेम में जीत हासिल कर गोल्ड मेडल की तरफ कदम बढ़ाया। सुहास ने पहला गेम 21-9 के स्कोर के साथ आसानी से अपने नाम किया। इसके बाद दूसरे गेम में इंडोनेशियन खिलाड़ी ने थोड़ी टक्कर दी लेकिन मुकाबला 21-15 गंवा बैठे।

भारतीय खिलाड़ियों ने पैरालिंपिक में अब तक का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। साल 1968 में पहली बार पैरालिंपिक में भाग लेने वाले भारत ने मौजूदा आयोजन से पहले तक कुल 12 पदक जीते थे और इस बाद एक ही आयोजन में उसने 13 पदक जीतकर ऐतिहासिक सफलता हासिल कर ली है।

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