News

यूपी बोर्ड: खुद परीक्षा पैटर्न तय कर सकेंगे स्कूल, सहमति पर ऑनलाइन-ऑफलाइन होंगे एग्‍जाम

कोविड महामारी को देखते हुए बोर्ड कक्षाओं में सत्र में दो बार बोर्ड परीक्षा होगी। वहीं कक्षा नर्सरी से आठवीं तक की कक्षाओं के सिलेबस व परीक्षा पैटर्न में केंद्रीय स्तर पर कोई बदलाव नहीं हुए हैं। स्कूलों में इसी महीने छमाही परीक्षाएं भी आयोजित होनी हैं।

मेरठ। कोविड महामारी को देखते हुए बोर्ड कक्षाओं में सत्र में दो बार बोर्ड परीक्षा होगी। वहीं कक्षा नर्सरी से आठवीं तक की कक्षाओं के सिलेबस व परीक्षा पैटर्न में केंद्रीय स्तर पर कोई बदलाव नहीं हुए हैं। जिला स्तर पर ही सहोदय से जुड़े स्कूल अपनी सुविधा के अनुरूप सिलेबस को संशोधित कर परीक्षा कराएंगे। स्कूलों में इसी महीने छमाही परीक्षाएं भी आयोजित होनी हैं। ऐसे में कक्षावार बच्चों की उपस्थिति को देखते हुए स्कूल ऑनलाइन-ऑफलाइन में कोई एक या दोनों तरह से परीक्षा आयोजित कराने की तैयारी कर रहे हैं।

एनसीईआरटी आधारित होता है सिलेबस

कक्षा 12वीं तक की पढ़ाई का पूरा सिलेबस एनसीईआरटी की ओर से ही तैयार किया जाता है। सीबीएसई द्वारा प्रकाशित किताबें भी एनसीईआरटी पर ही आधारित होती हैं। निजी प्रकाशक भी उन्हीं सिलेबस को आधार मानकर अपनी किताबें विकसित करते हैं जिसे स्कूलों में पढ़ाया जाता है। कोविड के पहले स्कूलों में कार्य दिवस के अनुरूप सिलेबस को विभाजित करते रहे हैं। यह अक्सर जनवरी-फरवरी में होता था। कुछ स्कूल पूरा सिलेबस पढ़ाते हैं, वहीं कुछ में सिलेबस को संशोधित कर पढ़ाया जाता है। इस सत्र में भी आठवीं तक की व्यवस्था तकरीबन यही है।

यह भी पढ़ें – UP बीटीसी व डीएलएड चतुर्थ सेमेस्टर परीक्षा की तारीख घोषित, इस लिंक से करें ऑनलाइन आवेदन

कुल छह होंगी परीक्षाएं

आठवीं तक की कक्षाओं में चार यूनिट टेस्ट और दो प्रमुख परीक्षा होगी जिसमें छमाही व वार्षिक परीक्षा है। लंबे अर्से बाद अब स्कूल खुले हैं। स्कूलों में बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाए गई बिंदुओं का मूल्यांकन करने के साथ ही आगे की तैयारी भी कराई जा रही है। इसी महीने छमाही परीक्षा भी करानी है लेकिन उपस्थिति पूरी नहीं होने के कारण ऑफलाइन परीक्षा कराने की तैयारी नहीं हो पा रही है। स्कूल और अभिभावकों में आपसी बातचीत पर ही परीक्षा का पैटर्न निर्भर करेगा।

19 विद्यालयों को बनाया अग्रसारण केंद्र

यूपी बोर्ड की वर्ष 2022 की 10वीं व 12वीं व्यक्तिगत परीक्षार्थियों के आवेदन के लिए 19 अग्रसारण केंद्र बनाए गए हैं। डीआइओएस गिरजेश कुमार चौधरी के अनुसार व्यक्तिगत परीक्षार्थियों के आवेदन पत्रों को अग्रसारित करने के लिए पंजीकरण-अग्रसारण केंद्र बनाए गए हैं। उन्होंने सभी केंद्र प्रभारियों से अग्रसारण नीति के अनुरूप छात्रों के आवेदन फार्म ऑनलाइन अग्रसारित कराए जाने को कहा है। राजकीय इंटर कालेज हस्तिनापुर, राजकीय कन्या इंटर कालेज हस्तिनापुर, राजकीय बालिका इंटर कालेज परीक्षितगढ़, राजकीय कन्या इंटर कालेज किठौर, राजकीय इंटर कालेज मेरठ, राजकीय इंटर कालेज जिला कारागार, राजकीय इंटर कालेज महादेव, राजकीय इंटर कालेज कपसाढ़, राजकीय इंटर कालेज बहरामपुर जानी, राजकीय इंटर कालेज पूठखास, राजकीय इंटर कालेज कायस्थ बढ्ढा, राजकीय इंटर कालेज हापुड़ रोड आदि हैं।

कोई अनिवार्यता नहीं है

मेरठ स्कूल सहोदय काम्प्लेक्स के सचिव राहुल केसरवानी के अनुसार सहोदय की बैठक में परीक्षा पैटर्न को अनिवार्य न करने पर सहमति बनी थी। स्कूल अपनी सुविधा के अनुसार स्कूलवार या कक्षावार परीक्षा के लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन पैटर्न निर्धारित कर सकते हैं। अभिभावक जिसमें सहज महसूस करेंगे बच्चों को शामिल कराएंगे।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
%d bloggers like this: