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जानें कितना रह सकता है प्रीलिम्स का कटऑफ, इन बदलावों के साथ आए क्वेश्चन पेपर

यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन के अनुसार, सिविल सर्विस एग्जाम की प्रारंभिक परीक्षा COVID-19 सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई

नई दिल्ली। यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन की प्रीलिम्स परीक्षा का आयोजन सफलतापूर्वक हो गया। परीक्षा रविवार को दो पालियों में आयोजित हुई। पहली शिफ्ट सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक हुई। वहीं दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे तक है। एक रिपोर्ट के अनुसार देशभर में करीब पांच लाख अभ्यर्थी इस परीक्षा में बैठे।

कोरोना की दूसरी लहर के प्रकोप की वजह से इस बार यूपीएससी प्रीलिम्स 2021 में देरी हुई। आयोग के अनुसार सिविल सर्विस एग्जाम की प्रीलिम्स परीक्षा (UPSC Prelims Exam 2021) COVID-19 सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर चली। परीक्षा केंद्र पर नियमों का पालन न करने पर दंडित करने का प्रावधान है। प्रारंभिक परीक्षा पास करने के बाद जनवरी, 2022 में मेंस परीक्षा होगी।

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जानें कितना रह सकता है कटऑफ

पेपर देने वाले अभ्यर्थियों और विभिन्न विषय विशेषज्ञों की मानें तो पेपर थोड़ा कठिन था। विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल सामान्य वर्ग के छात्रों का कट ऑफ 105 से 110 तक होने की संभावना है।

इन बदलावों के साथ हुई परीक्षा

इस बार के प्रश्न पत्र में सामान्य अध्ययन (GS) के प्रश्नों में इतिहास, भूगोल, राजव्यवस्था, अर्थव्यवस्था, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, कृषि, पर्यावरण तथा समसामयिक विषयों से प्रश्न पूछे गए। परीक्षा वस्तुनिष्ठ प्रकार का था। सामान्य अध्ययन में प्रश्नों की संख्या 100 थी। प्रत्येक के लिए दो अंक निर्धारित थे। नेगेटिव मार्किंग की बात की जाए तो एक गलत उत्तर देने पर एक तिहाई अंक काटे जाने का प्रावधान है।

परीक्षा देने वाले छात्रों की प्रतिक्रया ट्विटर पर आने लगी है। कुछ उम्मीदवारों का मानना है कि जिन विद्यार्थियों ने एनसीईआरटी का गहनता पूर्वक अध्ययन किया होगा निश्चित रूप से उसकी परीक्षा अच्छी गई होगी। सिविल सेवा तर्कशक्ति (rationality) परीक्षण (सीसैट) की अगर बात की जाए तो प्रश्न गणित, तर्कशक्ति तथा परिच्छेद पर आधारित थे।

ऑप्शन में कंफ्यूज हुए उम्मीदवार

जीए पेपर 1 में सम्मिलित हुए उम्मीदवारों के अनुसार पहले पेपर में पॉलिटी से क्वेश्चन सबसे अधिक थे। वहीं, इकनॉमी सेक्शन के प्रश्न मॉडरेट कटेगरी के थे। दूसरी तरफ, साइंस के क्वेशचन टफ थे। इस बार की परीक्षा में करेंट अफेयर्स के प्रश्न कम थे। कुल मिलाकर अधिकतर उम्मीदवारों का क्वेश्चन पेपर अच्छा था। कुल मिलाकर उम्मीदवारों ने पेपर को हर बार की तरह का ही माना, यानि क्वेश्चन पेपर मॉडरेट लेवल की कठिनाई का था। ज्यादातर उम्मीदवारों ने माना कि प्रश्न पढ़े हुए थे लेकिन जैसा हर बार होता है, यूपीएससी ऑप्शन में कन्फ्यूज करता है।

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