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शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने महात्मा गांधी नेशनल फेलोशिप के दूसरे चरण का किया उद्घाटन, 21-30 साल की महिलाओं और पुरुषों के लिए मौका

शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, MGNF चरण-1 (पायलट) को इसे शैक्षणिक भागीदार के रूप में आईआईएम बंगलुरू के साथ लॉन्च किया गया और वर्तमान में 6 राज्यों के 69 जिलों में 69 फेलोज कार्यरत हैं.

नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) ने सोमवार को महात्मा गांधी नेशनल फेलोशिप (MGNF) के दूसरे चरण का उद्घाटन किया। शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, 2 साल की इस फेलोशिप का लक्ष्य जमीनी स्तर पर कौशल विकास बढ़ाने में योगदान करने के उद्देश्य से युवाओं, गतिशील लोगों के लिए अवसर पैदा करना है। फेलोशिप में शैक्षणिक भागीदार IIMs है, जो जिला स्तर पर क्लासरूम सेशन को आयोजित कर रोजगार, आर्थिक उत्पादन बढ़ाने और आजीविका को प्रोत्साहन देने के लिए विश्वसनीय योजनाएं बनाने और इनसे जुड़ी बाधाओं की पहचान करता है।

कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने फेलोज से स्किल डेवलपमेंट के प्रयासों के द्वारा जमीनी स्तर पर सामाजिक बदलाव के प्रेरक के रूप में काम करने का आह्वान किया। उन्होंने जिलाधिकारियों और एकेडमिक पार्टनर आईआईएम से इस फेलोशिप के जरिए फेलोज को सहूलियत देने और बदलाव लाने को कहा। देश के आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों में व्यापक बदलाव से नए स्किल्ड और ज्यादा कुशल पेशेवरों के लिए मांग बढ़ेगी।

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प्रधान ने कहा कि इसके लिए जिला स्तर पर स्किल की पहचान और कौशल विकास प्रयासों को निर्देशित करने की जरूरत है। उन्होंने फेलोज से कहा कि वे 21वीं सदी और स्थानीय वास्तविकताओं की जरूरतों को ध्यान में रखें। साथ ही उन्होंने स्थानीय भाषा में कौशल विकास के प्रयासों को एकीकृत करते हुए वैश्विक सोच और स्थानीय दृष्टिकोण के साथ काम करने का आह्वान किया।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 पर बोलते हुए प्रधान ने शिक्षा और स्किल के बीच मजबूत तालमेल बिठाने के विजन की चर्चा की और एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट सहित इस दिशा में की गईं हालिया पहलों का जिक्र किया। उन्होंने सभी आईआईएम से फेलोज को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के बारे में जागरूक बनाने का अनुरोध किया।

2018 में लॉन्च किया गया था SANKALP

भारत सरकार ने जनवरी, 2018 में विश्व बैंक के कर्ज से सहायता प्राप्त कार्यक्रम ‘आजीविका प्रोत्साहन के लिए कौशल संकलन और ज्ञान जागरूकता’ (SANKALP) लॉन्च किया था। ‘संकल्प’ देश में कुशल कार्यबल की आपूर्ति और मांग के बीच के अंतर को प्रभावी रूप से कम करने के लिए जिला कौशल समितियों (DSC) के साथ काम करता है, जिससे युवाओं को काम करने और कमाने के अच्छे अवसर मिलते हैं।

शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, MGNF 21-30 साल की महिलाओं और पुरुषों के लिए एक अवसर है, जो कौशल विकास कार्यक्रम की डिलिवरी में सुधार के लिए जिला प्रशासन का प्रेरक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए पहले ही कुछ हद तक शैक्षणिक या व्यावसायिक विशेषज्ञता हासिल कर चुके हैं। MGNF चरण-1 (पायलट) को इसे शैक्षणिक भागीदार के रूप में आईआईएम बंगलुरू के साथ लॉन्च किया गया और वर्तमान में 6 राज्यों के 69 जिलों में 69 फेलोज कार्यरत हैं।

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