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क्या होता है इन्फोग्रफिक्स बायोडाटा

नए प्रकार का बायोडाटा

जॉब इंटरव्यू के लिए सबसे अनिवार्य वस्तु होती है ‘रिज्यूम’ जिसे हम बायोडाटा भी कहते हैं। जब एक कंपनी यह जानकारी देती है की उसके पास जॉब रिक्ति (vacancy) हैं तो वहां काफी सारे लोग आवेदन करते हैं। अब जब एक कंपनी के पास बहुत से आवेदन आते हैं तो वह चुनने की प्रक्रिया शुरू करते हैं। अब एक अनिवार्य प्रश्न उठता है की ऐसे कौन सी विशेषता हमारे बायोडाटा में है जो कि बाकी बायोडाटा से अलग हो।

यह तो हम जानते ही है कि कई बार पहला प्रभाव ही अंतिम प्रभाव सिद्ध होता हैं। तो जब आप जॉब के लिए आवेदन कर रहे हैं तब आपका बायोडाटा आपका प्रथम प्रभाव होता है। बायोडाटा आवेदन करते वक़्त तथा इंटरव्यू के समय आवश्यक होता है। सोचिये जब आप ही एक इंटरव्यू (साक्षात्कारकर्ता) ले रहे हैं तो आप बायोडाटा के ढेर में से किसे ज्यादा पसंद करेंगे? वो जो भीड़ में खो जाये या वह जो भीड़ में भी उभर के आये?

अब हम जानेंगे की बायोडाटा को हम सबसे हटके, अलग और रचनात्मक कैसे बनाएँगे? कहते है कि एक तस्वीर लाखों शब्दों को व्यक्त कर देती है। आज के युग में प्रतिस्पर्धा अत्यंत कठिन है तब हमें आवश्यकता होगी, एक इन्फोग्रफिक बायोडाटा की। इन्फोग्रफिक बायोडाटा ग्राफ्स, आरेख (डायग्राम) का उपयोग करता है जिससे की आपकी सारी विशेषताएं संक्षेप और प्रभावदायक रूप से सरलता प्रगट हों।

इसमें आप अपनी सारी विशेषताओं का सारांश ग्राफ के माध्यम से देंगे।

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कैसे बना सकते हैं इन्फोग्रफिक्स बायोडाटा

दृश्यों का प्रयोग करे: बार ग्राफ, पाई डायग्राम, आदि के द्वारा कठिन से कठिन चीज़ को बड़ी सहलता और रचनात्मक भाव से दर्शाया जा सकती हैं।

रंगों का उपयोग: दुनियां के रंगों से सजा इन्फोग्रफिक्स बायोडाटा एक अलग ही आकर्षण देता है।

कब उपयोग संभाल के करना चाहिए

जब आप एक पारंपरिक रूप से काम करने वाली कंपनी में आवेदन करेंगे और इंटरव्यू के लिए जायेंगे तो वे यह आशा करेंगे कि आप एक पारंपरिक रूप का बायोडाटा उनके समक्ष रखे। शायद जब आप एक नयी तरह की शुरूआत करें तो उनको रास न आएगी। ऐसी परिस्थिति में आप एक पारंपरिक बायोडाटा और साथ में इन्फोग्राफिक्स दोनों का उपयोग कर सकते हैं।

कब उपयोग करना चाहिए

जब आप एकदम प्रारम्भ से शुरुआत कर रहे हो अर्थात् फ्रेशर हो और तब आवेदन कर रहे हों या ऐसी कोई इंडस्ट्री में जहाँ क्रिएटिव होना सबसे अनिवार्य होता हैं। हर कंपनी आवेदनकर्ता का अनुभव, उसका कौशल, उसका सामर्थ्य और कंपनी को उससे क्या लाभ होगा वह जानना चाहते हैं। आप इन्हीं चीजों को ‘इन्फोग्रफिक्स’ के द्वारा अधिक उत्तम रूप से दर्शा सकते हैं।

अंत में याद रखिये कि रिज्यूम ही सब कुछ होता है। आपकी पहचान आपका रिज्यूम है,जरा संभाल कर, बड़ी सावधानी से इसको बनाए और प्रयोग करें।

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