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आज से शुरू हुई दिल्ली में नर्सरी एडमिशन की प्रक्रिया, 7 जनवरी तक हो सकता है आवेदन

कोई भी स्कूल विभाग द्वारा समाप्त किए मानदंड को नहीं अपनाएगा। इसमें कैपिटेश शुल्क, डोनेशन चार्ज करना शामिल है। मान्यता प्राप्त गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों की शाखाओं के रुप में पंजीकृत सोसायटी या ट्रस्ट द्वारा संचालित प्री-स्कूल या मोंटेसरी स्कूलों को अपने प्री स्कूल के लिए एकल प्रवेश प्रक्रिया का पालन करना होगा। 

नई दिल्ली। राजधानी में नर्सरी के लिए दाखिला प्रक्रिया आज से शुरू हो जाएगी। आवेदन करने की अंतिम तारीख 7 जनवरी है। दिल्ली के करीब 1800 निजी स्कूलों में नर्सरी में दाखिले की प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है। इस संबंध में शिक्षा निदेशालय (DoE) पहले ही प्रवेश कार्यक्रम जारी कर चुका है। दाखिले के लिए चयनित बच्चों की पहली लिस्ट 4 फरवरी को, दूसरी लिस्ट 21 फरवरी को और अगर इसके बाद कोई लिस्ट हुई तो उसे 15 मार्च को जारी किया जाएगा। 31 मार्च को दाखिला प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी।

पिछेल शैक्षणिक सत्र के लिए प्रवेश स्तर की कक्षाओं में प्रवेश इस साल फरवरी में कोरोना महामारी के कारण देरी के बाद शुरू हुआ था। हालांकि इस साल कार्यक्रम पिछले सालों के अनुरूप है। डीओई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हर स्कूल अपने नोटिस बोर्ड और वेबसाइट पर उपरोक्त प्रवेश कार्यक्रम प्रदर्शित करेगा। इसके अलावा हर स्कूल ये सुनिश्चित करेगा कि प्रवेश के लिए आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि सभी आवेदकों को फॉर्म उपलब्ध कराए जाएं। प्रवेश पंजीकरण शुलके के रूप में केवल 25 रुपए की गैर-वापसी राशि ली जा सकती है। माता-पिता द्वारा स्कूल के प्रॉस्पेक्टस की खरीद वैकल्पिक रहेगी। स्कूलों को मंगलवार तक अपनी सीटों की संख्या और प्रवेश मानदंड को सूचित करने के लिए कहा गया था।

पहले से कम नहीं होनी चाहिए सीटें

डीओई ने निर्देश दिया है कि प्रवेश स्तर पर सीटों की संख्या पिछले तीन सालों 2019-20, 2020-21, 2021-22 के दौरान नर्सरी में प्रवेश स्तर की कक्षाओं में सबसे ज्यादा सीटों से कम नहीं होनी चाहिए। स्कूल प्रवेश के लिए मानदंड बनाएंगे और अपनाएंगे जो निष्पक्ष, उचित, अच्छी तरह से परिभाषित, न्यायसंगत, गैर-भेदभावपूर्ण, स्पष्ट और पारदर्शी होंगे।

डोनेशन-कैपिटेशन शुल्क शामिल नहीं करेंगे स्कूल

अधिकारी ने आगे कहा कि कोई भी स्कूल विभाग द्वारा समाप्त किए मानदंड को नहीं अपनाएगा। इसमें कैपिटेशन शुल्क, डोनेशन चार्ज करना शामिल है। मान्यता प्राप्त गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों की शाखाओं के रुप में पंजीकृत सोसायटी या ट्रस्ट द्वारा संचालित प्री-स्कूल या मोंटेसरी स्कूलों को अपने प्री स्कूल के लिए एकल प्रवेश प्रक्रिया का पालन करना होगा और मुख्य विद्यालय उन्हें एक संस्थान मानते हैं।

हर जिले में संबंधित उप निदेशकी की अध्यक्षता में एक निगराठी सेल का गठन किया जा रहा है। ये सुनिश्चित करेगा कि हर निजी स्कूल ऑनलाइन मॉड्यूल पर मानदंड और उनकी बातों को अपलोड करे और आगे ये सुनिश्चित करे कि स्कूल उन मानदंडों को नहीं अपनाएगा, उन्हें विभाग द्वारा खत्म कर दिया गया था।

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