जेएनयू देशद्रोह मामले में मुकदमा चलाने की अनुमति को ABVP ने बताई अपनी जीत
नई दिल्ली. (ग्लोबर-ई-कैंपस नेटवर्क). अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, 9 फ़रवरी 2016 को जेएनयू. परिसर में वामपंथियों द्वारा देश विरोधी नारे लगाने के मामले में केजरीवाल सरकार द्वारा चार्जशीट दायर करने की अनुमति देना अभाविप सहित राष्ट्रवादी शक्तियों की जीत मानती है.
देश-विरोधी नारों की निंदनीय घटना में पहले दिन से ‘टुकड़े टुकड़े गैंग’ के लोगों के शामिल होने की बात अभाविप करती आयी है. लेकिन दिल्ली सरकार के ढीले रवैये के कारण केस में विलंब होता रहा जिससे घटना में संलिप्त लोग आज़ाद घूम रहे हैं.
आज दिल्ली राज्य-सरकार द्वारा जेएनयू देशद्रोह के मामले में तीन लोगों पर मुकदमा चलाने की अनुमति दी गई है, यह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के संघर्षों की जीत है. जेएनयू की इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने निरंतर आंदोलन किया तथा घटना में संलिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. यह कदम निश्चित रूप से जेएनयू में घटी दुर्भाग्यपूर्ण घटना के वास्तविक आरोपियों के चेहरों को बेनकाब करेगा.
अभाविप की राष्ट्रीय महामंत्री सुश्री निधि त्रिपाठी ने कहा,” जेएनयू में घटी घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था, आज दिल्ली सरकार ने बहुत देरी से इस घटना के संबंध में मुकदमा चलाने की अनुमति दी है. हम आशा करते हैं कि इस घटना के संदर्भ में जो लोग देश विरोधी नारे लगाने में संलिप्त थे और जिन लोगों ने उन देशद्रोहियों को अपना समर्थन दिया उन सब के चेहरे बेनकाब होंगे , सत्य ज्यादा समय तक छुप नहीं सकता. साथ ही हम यह मांग करते हैं कि दिल्ली दंगों में जिस प्रकार से आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं का हाथ देखा गया है, उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए तथा जांच के उपरांत उनको कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए.”




