जेएनयू परिसर में शोधार्थियों के प्रवेश पर प्रशासन और छात्रसंघ आमने-सामने

नई दिल्ली :
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में यूजीसी द्वारा जारी विश्वविद्यालयों को चरणबद्ध तरीके से खोलने के निर्देश के बाद सोमवार 16 नवम्बर से JNU परिसर में प्रवेश की इजाजत दी जाएगी। जेएनयू प्रशासन का कहना है कि सभी विषयों के शोधार्थी परिसर में आगामी कुछ दिनों में प्रवेश करेंगे। हालांकि छात्रसंघ आरोप लगा रहा है कि जेएनयू प्रशासन ने परिसर में प्रवेश को लेकर झूठ बोला है। सिर्फ विज्ञान के शोधार्थियों को प्रवेश की इजाजत है, बाकी विषयों के शोधार्थी अभी भी परिसर नहीं आ सकते। दूसरे चरण की परिसर प्रवेश प्रक्रिया के तहत छात्रावास में रहने वाले छात्रों को परिसर में प्रवेश की इजाजत होगी।
दो चरणों में विवि परिसर खोलने की घोषणा की थी –
बता दें कि कोरोना संक्रमण के चलते मार्च माह से ही जेएनयू परिसर बंद है। जिसको लेकर पूर्व में छात्र संघ ने चरणबद्ध तरीके से परिसर को खोलने को लेकर प्रदर्शन व पत्र भी लिखा था। इसके बाद विवि प्रशासन ने कार्ययोजना तैयार करते हुए जिन शोध छात्रों को दिसम्बर में अपनी पीएचडी जमा करानी है, उनके लिए दो चरणों में विवि परिसर खोलने की घोषणा की थी। 2 नवम्बर से शुरू हुए पहले चरण में छात्रों के लिए प्रयोगशाला खोली गई थी, तो 16 नवम्बर से शुरू हो रहे दूसरे चरण में छात्रावास खोले जाने हैं। प्रशासन ने बताया कि छात्रों के मोबाइल में आरोग्य सेतु एप इंस्टाल करना अनिवार्य होगा।
तीन दिन में संक्रमण के 26 मामले –
जेएनयू में शोधार्थियों के वापसी के पहले चरण के दौरान कोरोना संक्रमण टेस्ट कैंप लगाया गया था। तीन दिनों में करीब 300 से ज्यादा छात्रों एवं कर्मचारियों का टेस्ट हुआ। जिसमें 26 से अधिक लोग संक्रमित पाए गए थे। अब तक जेएनयू में संक्रमण के 100 से अधिक मामले आ चुके हैं। जेएनयू प्रशासन ने इसके बाद आदेश जारी किया था। जिसमें मोबाइल में आरोग्य सेतु एप इंस्टॉल करने, भीड़ एकत्रित नहीं करने, बेवजह यहां वहां ना घूमनेे व बाजारों में भी दूरी बनाए रखने की गुजारिश की थी। मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है।
शोधार्थियों की कुल संख्या 500 के ऊपर –
विश्वविद्यालय परिसर को अंतिम वर्ष के शोध छात्रों के लिए पूरी तरह से खोलने की बात सही नहीं है। जेएनयू प्रशासन के दावों के उलट सिर्फ विज्ञान के शोध छात्रों के लिए प्रवेश प्रकिया शुरू की गई है। जिनकी संख्या सिर्फ 200 के पास है। जबकि जेएनयू में अन्य विषयों में शोधार्थियों की कुल संख्या 500 के ऊपर है। इन छात्रों को दिसंबर में अपनी पीएचडी जमा करनी है लेकिन जेएनयू प्रशासन इनकी कोई सुध नहीं ले रहा है।
– सतीश चन्द्र यादव, महासचिव, छात्र संघ
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कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण 18 नवंबर को जारी नहीं होगी डीयू की स्पेशल कटऑफ

नई दिल्ली :
दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे है जिसको देखते हुए डीयू कि स्पेशल कटऑफ की तिथि स्थगित कर दी गयी है विश्वविद्यालय में बड़ी संख्या में शिक्षक कोविड-19 संक्रमित हो गए है। ऐसा होने के चलते स्पेशल कटऑफ लिस्ट अब 18 नवंबर को जारी नहीं होगी।
महत्वपूर्ण तिथियां –
पंजीकरण-18 नवंबर
सीट आवंटन- 19 नवंबर को सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक।
दाखिला-20 नवंबर को लिया जाएगा।
शुल्क -22 नवंबर रात 12 बजे तक



