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व‍िरोध के बाद रेल मंत्रालय ने NTPC और RRB लेवल 1 की परीक्षाओं पर लगाई रोक

रेल मंत्रालय ने छात्रों के विरोध के बाद गैर-तकनीकी लोकप्रिय श्रेणियों और रेलवे भर्ती बोर्ड के लेवल 1 की परीक्षाओं पर रोक लगा दी है।

नई दिल्ली। रेल मंत्रालय ने छात्रों के विरोध के बाद नॉन टेक्निकल पॉपुलर कैटेगरी (NTPC) और रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) के लेवल 1 की परीक्षाओं पर रोक लगा दी है। मंत्रालय ने पास या फेल हुए अभ्यर्थियों की सुनवाई के लिए एक समिति का गठन किया गया है। ये समिति विरोधी छात्रों की आपत्तियां सुनेगी और इन पर विचार करने के बाद अपनी रिपोर्ट रेल मंत्रालय को सौंपेगी। RRB-NTPC रिजल्ट और ग्रुप डी में CBT-2 की परीक्षा के खिलाफ युवाओं का जमकर व‍िरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। मंगलवार को प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने आरा में एक पैसेंजर ट्रेन के इंजन में आग लगा दी थी।

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इस पर रेलवे ने मंगलवार को कहा कि प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ करने समेत गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल अभ्यर्थियों और अन्य लोगों की रेलवे में भर्ती पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। दरअसल एनटीपीसी की परीक्षा के पैटर्न में बदलाव और रिजल्ट में धांधली का आरोप लगाते हुए नाराज छात्रों ने मंगलवार को आरा पर प्रदर्शन किया और रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया। प्रदर्शन की वजह से ट्रैक बाधित हो गया। इसके बाद सासाराम-आरा पैसेंजर को आउटर के पास रोक दिया गया था। लेकिन प्रदर्शनकारी यहां भी पहुंच गए और पैसेंजर ट्रेन के इंजन में आग लगी दी। इसके बाद आग धू-धू कर जलने लगी और पूरे इंजन को अपनी चपेट में ले लिया।

500 प्रदर्शनकार‍ियों के ख‍िलाफ एफआईआर

पटना के राजेंद्र नगर टर्मिनल पर सोमवार शाम को तो पुलिस को प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस और लाठीचार्ज का प्रयोग भी करना पड़ा। मामले को लेकर अज्ञात 500 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है। इससे पहले प्रदर्शनकारियों ने बिहार के नवादा में रेलवे की मेंटेनेंस गाड़ी में भी आग लगा दी थी। यहां मंगलवार को सुबह से ही सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शन कर रहे कैंडिडेट नवादा रेलवे स्टेशन पर पहुंच गए और रेल ट्रैक को जाम कर दिया। यहां पहुंचे कैंडिडेट ने रेलवे बोर्ड के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पटरियों को उखाड़ दिया।

क्‍या है मामला

रेलवे भर्ती बोर्ड द्वारा एनटीपीसी सीबीटी 1 रिजल्ट जारी करने के बाद उम्मीदवारों ने प्रदर्शन करना शुरू कर दिया था। उम्मीदवारों ने आरआरबी पर रिजल्ट में गड़बड़ी का आरोप लगाया था। उनका कहना है कि बोर्ड ने परीक्षा के लिए कट ऑफ बढ़ा दिया, जिससे कई उम्मीदवार प्रभावित हुए और वादा किए गए उम्मीदवारों से कम का चयन किया। इसके अलावा, कई पदों के लिए एक ही उम्मीदवार को चुना गया था। रेलवे भर्ती बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि ऐसा कहीं भी उल्लेख नहीं किया गया था कि दूसरे चरण की कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी-2) के लिए सात लाख अलग-अलग उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। एक उम्मीदवार को उसकी पात्रता, योग्यता और विकल्प के अनुसार एक से अधिक स्तरों के लिए चयनित किया जा सकता है।

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