बीबीएयू छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए काउंसलरों की नियुक्ति करेगा

लखनऊ। बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) ने छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की दिशा में एक सकारात्मक, दूरदर्शी और संवेदनशील पहल की है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 की भावना के अनुरूप बीबीएयू अब पढ़ाई के साथ-साथ विद्यार्थियों को मानसिक तनाव, परीक्षा दबाव और व्यक्तिगत चुनौतियों से उबरने के लिए प्रोफेशनल मनोवैज्ञानिक काउंसिलिंग उपलब्ध कराएगा। यह कदम न केवल छात्रों के आत्मविश्वास को बढ़ाएगा, बल्कि उन्हें संतुलित, सक्षम और भविष्य के लिए मानसिक रूप से मजबूत बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगा। इसके लिए स्टूडेंट काउंसलिंग सेंटर ‘उम्मीद’ में मनोवैज्ञानिक काउंसलर की नियुक्ति की जा रही है।
छात्रों को मिलेगा मनोवैज्ञानिक संबल
इन नई पहल के तहत बीबीएयू के विद्यार्थियों को हफ्ते में दो दिन तीन घंटे की मनोवैज्ञानिक काउंसिलिंग की सुविधा मिलेगी। यह पूरी तरह गोपनीय और छात्र-केंद्रित होगी। परीक्षा तनाव, कॅरिअर कन्फ्यूजन और व्यक्तिगत समस्याओं पर इसका फोकस रहेगा। साथ ही जरूरत पड़ने पर मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता कार्यक्रम भी होंगे।
क्या है एनईपी 2020 की मूल भावना
एनईपी 2020 में छात्रों के समग्र विकास पर विशेष जोर दिया गया है, जिसमें अकादमिक शिक्षा के साथ मानसिक और भावनात्मक संतुलन को अनिवार्य माना गया है। बीबीएयू की यह पहल छात्रों को सुरक्षित, सहयोगी और संवेदनशील शैक्षणिक वातावरण मुहैया कराएगी। विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित काउंसिलिंग से छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ेगा और सीखने की क्षमता बेहतर होगी।
यह होगी मनोवैज्ञानिक काउंसलर की योग्यता
बीबीएयू विद्यार्थियों के काउंसिलिंग के लिए संविदा मनोवैज्ञानिक काउंसलर की नियुक्ति कर रहा है। बीते शुक्रवार को योग्य अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लिया गया। इस पद के लिए न्यूनतम दो वर्ष का कार्य अनुभव और साइकोलॉजी/क्लिनिकल/बिहेवियरल/मेंटल हेल्थ साइकोलॉजी में मास्टर डिग्री के साथ काउंसलिंग या संबंधित विषय में पीजी डिप्लोमा रखने वाले अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी।



