दिल्ली विश्वविद्यालय की बड़ी ख़बरें (एडमिशन 2020 विशेष)

डीयू की एमफिल और पीएचडी कोर्स के लिए प्रवेश परीक्षा की ‘आंसर की’ जारी, यहां से पाएं डायरेक्ट लिंक
नई दिल्ली,
दिल्ली यूनिवर्सिटी के एमफिल और पीएचडी पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा (DUET 2020) का ‘आंसर की’ नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा अपनी ऑफिशियल वेबसाइट पर जारी कर दी गई है। इन परीक्षाओं में जो उम्मीदवार शामिल हुए हैं, वे एनटीए की ऑफिशियल वेबसाइट, nta.ac.in पर जाकर क्वेश्चन पेपर और आंसर की चेक कर सकते हैं। अगर किसी उम्मीदवार को आंसर की पर कोई आपत्ति है तो 22 अक्टूबर को शाम 5 बजे तक वेबसाइट के जरिए दर्ज करा सकते हैं।
ऐसे चेक करें आंसर की –
– आंसर की चेक करने के लिए, उम्मीदवार सबसे पहले नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ऑफिशियल वेबसाइट, nta.ac.in पर विजिट करें।
– यहां होमपेज पर Latest @ NTA सेक्शन में पब्लिक नोटिस- डिस्प्ले ऑफ क्वेश्चन पेपर एंड चैलेंज ऑफ आंसर की ऑफ DUET 2020 फॉर एमफिल/पीएचडी कोर्सेस पर क्लिक करें।
– आपकी स्क्रीन पर अब एक नया पेज खुलेगा।
– यहां उम्मीदवार दिए गए लिंक पर क्लिक करें।
– अब फॉर्म नंबर और डेट ऑफ बर्थ दर्ज कर लॉगइन करें।
– इसके बाद आंसर की आपकी स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाएगी।
उम्मीदवार इसे चेक करें। आप इसको डाउनलोड भी कर सकते है।
ऑब्जेक्शन दर्ज कराने के लिए प्रति प्रश्न के 200 रूपये शुल्क –
बता दें कि आपत्ति दर्ज कराने के लिए, उम्मीदवारों द्वारा ऑनलाइन मोड में शुल्क का भुगतान किया जाना है। उम्मीदवार को ऑब्जेक्शन दर्ज कराने के लिए प्रति प्रश्न के 200 रूपये देने होंगे। शुल्क का भुगतान डेबिट कार्ड/क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग के माध्यम से किया जा सकता है। प्रोसेसिंग फीस जमा किए बिना आपत्ति स्वीकार नहीं की जाएगी। उम्मीदवारों को ध्यान देना होगा कि प्रोसेसिंग फीस नॉन रिफंडेबल है। वहीं, अन्य किसी भी माध्यम से ऑब्जेक्शन स्वीकृत नहीं किए जाएंगे।
गौरतलब है कि देशभर के विभिन्न केंद्रों पर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा 6 से 11 सितंबर, 2020 तक दिल्ली यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट का आयोजन किया गया जिसमे 1,50,670 उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया था।
डीयू एसओएल में एडमिशन शुरू, सेमेस्टर सिस्टम होगा लागू
नई दिल्ली।
दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ ओपन लर्निग (SOL) में एडमिशन शुरू हो गए है। इस बार छात्रों की पढ़ाई सेमेस्टर सिस्टम के आधार पर की जाएगी। एसओएल मे अब तक वार्षिक सिस्टम के तहत पढ़ाई होती थी। सेमेस्टर सिस्टम से पढ़ाई की वजह से छात्रों को कॉलेजों में नियमित छात्र के तौर पर दाखिले का भी मौका मिलेगा। बता दें कि स्कूल ऑफ ओपन लर्निग में सोमवार से आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई। 30 नवंबर तक छात्र आवेदन कर सकेंगे। विगत दो दिनों में 13 हजार से अधिक छात्रों ने पंजीकरण करवाया है।
सेमेस्टर सिस्टम की वजह से छात्रों को स्थानांतरण की सुविधा –
डीयू एसओएल के विशेष कार्य अधिकारी प्रो. उमाशंकर पांडेय से मिली जानकारी के मुताबिक सेमेस्टर सिस्टम की वजह से छात्रों को स्थानांतरण (माइग्रेशन) की सुविधा मिलेगी। इसका फायदा यह होगा कि स्कूल ऑफ ओपन लर्निग के छात्र प्रथम वर्ष की पढ़ाई के बाद कॉलेजों में नियमित तौर पर दाखिला ले सकेंगे और इसी तरह रेगुलर कॉलेज के छात्र चाहें तो एसओएल में दाखिला ले सकेंगे। एसओएल में पांच पाठ्यक्रम पढ़ाए जाते हैं। इन पांच कोर्स में एसओएल के प्रथम वर्ष के उत्तीर्ण छात्र डीयू के कॉलेजों में द्वितीय वर्ष में नियमित छात्र के तौर पर दाखिला ले सकेंगे।
हफ्ते में दो दिन होंगी कक्षाएं –
एसओएल की कक्षाएं हफ्ते में दो दिन शनिवार और रविवार को दिल्ली में 40 केंद्रों पर होती हैं। छुट्टियों में भी कक्षाएं नियमित चलती हैं। संस्थान छात्रों को ई-लर्निग के माध्यम से मदद करने के लिए ई-कंटेट उपलब्ध कराता है।
एसओएल में स्नातक में चलने वाले पाठ्यक्रम –
– बी.ए (प्रोग्राम)
– बीए अंग्रेजी (ऑनर्स)
– बी.ए राजनीति विज्ञान (ऑनर्स)
– बीकाम (प्रोग्राम)
– बी.कॉम (ऑनर्स)




