नई शिक्षा नीति 2020: शिक्षकों को अब गैर शिक्षण कामों से मिलेगा छुटकारा, न ही होंगे बेवजह तबादले

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Shringesh Kumar Dixit

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नई दिल्ली। नई शिक्षा नीति में शिक्षकों की जिम्मेदारियां बढ जाएंगी लेकिन उनको कई सहूलियतें भी मिलेंगी। उनका न तो बेवजह तबादला होगा न ही उन्हें गैर शिक्षण कार्यों में लगाया जाएगा। शिक्षकों की नियुक्ति, तैनाती, सेवा शर्तें और उन्हें पूर्ण रूप से सशक्त बनाना ही पहला कर्तव्य है। शिक्षकों को प्रोत्साहित किया जाएगा जिससे वे देश के भविष्य को और सुंदर एवं सशक्त बना सकें। ग्रामीण इलाकों में तैनाती पर आवास की व्यवस्था होगी या अधिक आवास भत्ता दिया जाएगा।

तबादले सिर्फ विशेष स्थिति में

शिक्षकों के तबादले सिर्फ विशेष परिस्थितियों में होंगे जिसके लिए राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के पास एक सख्त मानक होगा। सभी तबादले कंप्यूटराइज्ड प्रणाली के तहत होंगे जिसमें पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी।

नियुक्ति और तैनाती 

मेरिट के आधार पर स्कॉलरशिप होगी, जिससे चार साल की बीएड की पढ़ाई करने वालों की रुचि बढ़े। ग्रामीण क्षेत्रों में मेरिट आधारित स्कॉलरशिप से पढ़ाई के बाद उन्हें स्थानीय स्तर पर तैनाती को वरीयता दी जाएगी। खासतौर पर महिलाओं को ताकि वे सशक्त और आत्मनिर्भर बन सकें।

बच्चों का भावनात्मक विकास करना होगा 

अभी तक शिक्षक ऐसे कार्यों में व्यस्त रहते थे जिसका संबंध शिक्षा से नहीं होता था। अब ऐसा नहीं होगा। शिक्षकों का पूरा ध्यान पढ़ाने पर होगा। शिक्षकों की जिम्मेदारी होगी कि वो बच्चों को सामाजिक भावनाओं से जुड़े बिंदुओं को लेकर प्रशिक्षित करें। बच्चों का सर्वांगीण और पेशेवर विकास ही शिक्षकों का अब पहला ध्येय होगा।

टीईटी को और मजबूत बनाया जायेगा

शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को मजबूत बनाया जाएगा।  टीईटी के साथ नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) परीक्षा में विषयवार अंकों के आधार पर वरीयता मिलेगी। कक्षा में बच्चों को पढ़ाकर, दिखा पर नियुक्ति मिलेगी।

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साक्षात्कार में परखी जाएगी भाषा शैली

नियुक्ति में स्थानीय भाषा शैली को परखा जाएगा। जिससे बच्चों के मन की बात शिक्षकों को पता चल सके। निजी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को भी इस मानक पर खरा उतरना होगा।

स्कूल में कंप्यूटर-इंटरनेट की सुविधा

स्कूलों को सभी सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इसमें पीने का पानी, शौचालय, साफ-सुथरी खाली जगह, कंप्यूटर, इंटरनेट, पुस्तकालय, और खेलने-कूदने की व्यवस्था होगी। लड़का हो या लड़की सभी को बराबर अधिकार मिलेगा। शिक्षकों को सुरक्षा और स्वास्थ्य के मानदंडों को लेकर प्रशिक्षित किया जाएगा जिससे वे अपने साथ बच्चों की बेहतर देखभाल कर सकें।

मदद के लिए पूरी टीम

शिक्षक की मदद के लिए काउंसलर, सामाजिक कार्यकर्ताओं, तकनीकी जानकारों की टीम होंगे। शिक्षक अभिभावकों के साथ स्कूल के संचालन में मदद करने वालों के संपर्क में रहेंगे जिससे बुनियादी सुविधाओं को समय के साथ बेहतर किया जा सके।

स्थानीय स्तर पर मास्टर इंस्ट्रक्टर की नियुक्ति

स्थानीय स्तर पर मास्टर इंस्ट्रक्टर की नियुक्ति करनी होगी। ये लोग बच्चों को स्थानीय स्तर पर कला, कृषि और दूसरी ऐसी कोई तकनीक जो स्थानीय स्तर पर मशहूर हो उसके बारे में शिक्षित करेंगे, जिससे वो भविष्य में रोजगार का साधन बन सकती है। सभी विषयों के शिक्षकों की नियुक्ति स्कूल में हो इसके लिए राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को नियमित निगरानी करनी होगी। शिक्षकों का संकट नहीं होना चाहिए।

खुद को भी तराशने का मौका
शिक्षकों के पास स्थानीय, क्षेत्रीय, राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कार्यशालाओं में भाग लेकर नया सीखने और बच्चों को सिखाने का पूरा मौका होगा। कॉन्टीनुअस प्रोफेशनल डेवलपमेंट के तहत हर शिक्षक के पास एक साल में 50 घंटे के प्रशिक्षण में शामिल होने का अनुभव होना चाहिए। ऑनलाइन टीचर डेवलपमेंट प्लेटफॉर्म के जरिए शिक्षक अपनी सलाह दे सकते हैं।