अब बीटेक के बाद अन्य पाठ्यक्रमों में भी मिलेगा प्रवेश, एआईसीटीई ने मंजूर किया प्रस्ताव

नई दिल्ली। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने बीटेक के छात्रों को मुख्य पाठ्यक्रम के अलावा इंजीनियरिंग की अन्य शाखाओं में लेटरल एंट्री के जरिए प्रवेश लेने की अनुमति प्रदान कर दी है। यानी अब बीटेक की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थी बीच में ही इंजीनियरिंग की ब्रांच बदल सकते हैं। एआईसीटीई ने बताया कि बहुत सारे विद्यार्थी लेटरल एंट्री की मांग कर रहे थे और परिषद को इस संबंध में कई रिक्वेस्ट भी मिली थी।
एआईसीटीई कार्यकारी समिति ने दिए निर्देश
एआईसीटीई ने कहा कि प्रस्ताव एआईसीटीई कार्यकारी समिति के समक्ष रखा गया था। जिसके बाद समिति ने कहा इसकी अनुमति देते हुए तकनीकी विश्वविद्यालय को छात्रों को बीटेक / बीई के बीच में शाखा बदलने की सुविधा प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।
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लैटरल एंट्री का क्या होगा फायेदा?
- परिषद ने कहा कि इस व्यवस्था से अभ्यर्थियों को अतिरिक्त कार्यक्रम में प्रवेश लेने के बाद उन पाठ्यक्रमों का अध्ययन करने की आवश्यकता नहीं होगी जो उन्होंने अपने पहले डिसीप्लीन में पढ़ लिया है।
- बीटेक/बीई के दौरान विभिन्न प्रैक्टिकल परीक्षाएं भी होती हैं इसलिए विद्यार्थियों को किसी भी संस्थान में लैटरल एंट्री के दौरान रेगुलर स्टूडेंट के रूप में ही प्रवेश लेना होगा।
- वहीं एआईसीटीई ने अब एडिशनल डिग्री कोर्स की अवधि को बढ़ा दिया है। पहले यह कोर्स दो वर्ष का हुआ करता था। किंतु अब तीन वर्ष का होगा। एआईसीटीई ने बताया कि कोर डिसिप्लिन में क्रेडिट पर कोई समझौता न हो इसलिए यह अवधि बढ़ा दी गई है।
- इसके साथ ही एआईसीटीई ने संस्थानों से अपने नियमों में आवश्यक बदलाव करने और बीटेक छात्रों को अतिरिक्त पाठ्यक्रम प्रदान करने के लिए उचित कदम उठाने के निर्देश भी दे दिए हैं।



