आईआईटी दिल्ली के 51वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में शामिल हुए प्रधानमंत्री मोदी, छात्रों को किया प्रोत्साहित

नई दिल्ली :
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली के 51वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री मोदी शामिल रहे। पीएम ने कहा कि कोरोना का यह संकटकाल दुनिया में बहुत बड़े बदलाव लेकर आया है। कोरोना के बाद दुनिया में बहुत अलग होने जा रहा है और इसमें बहुत बड़ी भूमिका तकनीक की ही होगी। कोरोना ने हमें बहुत कुछ सिखाया। यह भी सिखाया कि वैश्विकरण तो जरूरी है, लेकिन उसके साथ आत्मनिर्भरता भी जरूरी है।
अपने आविष्कारों को खुलकर सबके सामने लाएं –
शनिवार को हुए वार्षिक दीक्षांत समारोह मे प्रधानमंत्री ने विद्यार्थियों को भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए इनोवेशन के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा आत्मनिर्भर अभियान हमारे युवाओं के लिए नए अवसरों के बारे में है ताकि वे अपने आविष्कारों को खुलकर सबके सामने ला सकें। वर्तमान समय में युवा नवाचार के माध्यम से करोड़ों देशवासियों के जीवन में बदलाव ला सकते हैं। आज देश में आपकी जरूरतों को, भविष्य की आवश्यकताओं को समझते हुए एक के बाद एक निर्णय लिए जा रहे हैं, पुराने नियम बदले जा रहे हैं।
My address at the Annual Convocation of @iitdelhi. https://t.co/t6RlqjVvEv
— Narendra Modi (@narendramodi) November 7, 2020
वर्क फ्रॉम होम सुविधा के लिए बदले नियम –
पीएम मोदी ने छात्रों से कहा कि ऐसे प्रावधान जो तकनीक उद्योग को वर्क फ्रॉम होम या फिर वर्क फ्रॉम एनिवेयर जैसी सुविधाओं से रोकते थे, उनको भी हटा दिया गया है। यह देश के आईटी क्षेत्र को और प्रतिस्पर्धा बनाएगा और आप जैसे युवा कौशल को और ज्यादा मौके देगा।
देश आपको कारोबार की सुगमता देगा –
उन्होंने कहा कि आज भारत अपने युवाओं को कारोबार करने में सुगमता देने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि युवा अपने नवाचार से करोड़ों देशवासियों के जीवन में परिवर्तन ला सके। देश आपको कारोबार की सुगमता देगा बस आप देशवासियों के जीवन सुगमता पर काम कीजिए। देश गरीब के लिए जो प्रयास कर रहा है आपके प्रयास से ही संभव है।
गुणवत्ता पर ध्यान रखना, कभी समझौता मत करना –
प्रधानमंत्री ने छात्रों से कहा कि आप जब यहां से जाएंगे, नई जगह पर काम करेंगे तो आपको भी एक नए मंत्र को लेकर काम करना चाहिए। हमेशा गुणवत्ता पर ध्यान रखना, कभी समझौता मत करना। भरोसे को सुनिश्चित करें और बाजार में लंबे वक्त के लिए भरोसा जीतें।
ड्रोन तकनीक के माध्यम से मैपिंग की जा रही –
उन्होंने कहा कि सामान्य नागरिक के जीवन को आसान बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। स्वामित्व योजना के तहत पहली बार भारत के गांवों की जमीन की मैपिंग की जा रही है। ड्रोन तकनीक के माध्यम से मैपिंग की जा रही है और इससे गांव के लोग भी संतुष्ट है। इससे पता चलता है कि सामान्य नागरिक की भी तकनीक पर पूरी आस्था है। पूरे देश में आपके लिए अपार संभावनाएं और अपार चुनौतियां है परंतु समाधान भी आप ही कर सकते हैं। उन्होंने छात्रों से अपील किया कि देश की जरूरतों को पहचानें और उसके अनुसार नए नए आविष्कार करें।
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बीएड अंतिम सेमेस्टर के परीक्षार्थी भी कर सकेंगे टीजीटी-पीजीटी शिक्षक भर्ती में आवेदन
लखनऊ :
कानपुर के छत्रपति साहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) समेत विभिन्न संस्थानों के बीएड के अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा देने वाले छात्र-छात्रायें भी प्रदेश की टीजीटी-पीजीटी परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते है। इसके चलते सीएसजेएमयू विश्विवद्यालय प्रशासन ने बीएड अंतिम वर्ष का मूल्यांकन शुरू कर दिया है और साथ ही दिसंबर के शुरुआत में ही परिणाम घोषित करने की तैयारी भी कर रहा है। जिससे प्रदेश सरकार की शिक्षक भर्ती में विवि के करीब 70 हजार छात्र-छात्राएं भी हिस्सा ले सकेंगे।




