अंतरिक्ष की सैर करके आए बीज से उगे पौधे, तेज विकिरण पर भी नहीं नष्ट हुए बीजों के जैविक गुण, वैज्ञानिकों को बंधी आस
लंदन. निरंतर किया गया परिश्रम कभी व्यर्थ नहीं जाता। वैज्ञानिकों के प्रयासों ने एक बार फिर सिद्ध कर दिखाया है। वैज्ञानिक लगातार दूसरे ग्रहों पर जीवन खोजने में लगे हैं। साथ ही, वे वहां जीवन यापन के भी तरीके ढूंढ रहे हैं। ऐसे में यूके स्पेस एजेंसी ने के जरिए इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन सलाद के बीजों को ले जाकर करने वाला परीक्षण एक उम्मीद बनता है।
अध्ययन के दौरान वैज्ञानिकों ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर सलाद के कुछ बीजों को एक दो नहीं बल्कि 6 महीने तक रखा और उसके बाद धरती पर वापस लाकर उन्हें उगा कर उस में आए बदलावों का अध्ययन किया। शोध में पाया गया कि यह बीच सामान्य रूप से ही पौधे में बने केवल उसकी वृद्धि की गति ही कुछ कम थी।
दरअसल इस परीक्षण के लिए ब्रिटेन के अंतरिक्ष यात्री टीम पीके आईएसएस पर अपने साथ 2 किलो के सलाद के बीच अपने साथ ले गए थे। वहां इन बीजों ने पृथ्वी के मुकाबले 100 गुना ज्यादा विक्रण अवशोषित किया, जिसमें खतरनाक अल्ट्रावायलेट किरणें भी शामिल है जो हमारी धरती तक नहीं पहुंच पाती है।
जब यह बीज वापस धरती पर लाए गए तो विभिन्न स्कूलों के 600000 बच्चों ने इन प्रयोगों में भाग लिया जो यूके स्पेस एजेंसी के सौजन्य से आयोजित किया गया था। इन बच्चों ने इन बीजों से पौधे उगाए और उनकी देखभाल की। उन्होंने पौधों की तुलना उन पौधों से भी कि जिनके बीच पृथ्वी पर ही थे। इसमें पाया गया कि अंतरिक्ष के बीजों के बढ़ने की गति धरती के बीजों के मुकाबले थोड़ा धीमी थी.




