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Scholarship Update: SC-ST मजदूरों के बच्चों को विदेश में पढ़ाई का मौका, बिहार सरकार उठाएगी पूरा खर्च — जानें NOS योजना की पात्रता

NOS Scholarship 2026: विदेश में पढ़ाई का सपना देख रहे गरीब परिवारों के बच्चों के लिए खुशखबरी है। बिहार सरकार नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप स्कीम (NOS Scheme) की आवेदन प्रक्रिया शुरू करने जा रही है। इसके माध्यम से गरीब और आरक्षित वर्ग के बच्चों को विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का मौका मिलेगा।

Scholarship for SC-ST Students 2026: खेतों में काम करने वाले मजदूरों और कारीगरों के बच्चों का विदेश में पढ़ाई करने का सपना अब पूरा होगा। अब खर्च की टेंशन छोड़कर गरीब किसानों के बच्चे सिर्फ अपनी शिक्षा पर फोकस कर सकेंगे। क्योंकि बिहार सरकार की NOS स्कॉलरशिप के तहत आरक्षित वर्ग के कम आय वाले मेधावी छात्रों को विदेश में पढ़ाई करने के लिए वित्तीय सहायता मिलेगी।

NOS Scholarship क्या है?

बिहार के जो छात्र विदेश में पढ़ाई करना चाहते हैं, उन्हें राज्य में ‘नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप स्कीम’ लागू होने से फायदा होगा। यह स्कीम अनुसूचित जाति (SC), वि-अधिसूचित, खानाबदोश और अर्ध-खानाबदोश जनजातियों, भूमिहीन कृषि मजदूरों और पारंपरिक कारीगर वर्ग से संबंधित कम आय वाले मेधावी छात्रों को हायर एजुकेशन के लिए वित्तीय सहायता देती है। जो छात्र विदेश जाकर मास्टर डिग्री या पीएचडी करना चाहते हैं, वे इस NOS स्कॉलरशिप के लिए आवेदन कर सकते हैं।(फोटो सोर्स- nosmsje.gov.in)

Scholarship (1)

  • नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप स्कीम (NOS Scholarship) के लिए योग्य होने के लिए, आवेदक के परिवार की सालाना आय 8 लाख रुपये से कम होनी चाहिए।
  • आवेदक छात्रों की उम्र 35 साल से कम होनी चाहिए।
  • स्कॉलरशिप के लिए योग्य होने के लिए, क्वालिफाइंग एग्जाम में कम से कम 60% अंक या उसके बराबर ग्रेड होना जरूरी है।
  • Ph.D कोर्स के मामले में, क्वालिफाइंग एग्जाम मास्टर डिग्री होगी और मास्टर डिग्री कोर्स के लिए, क्वालिफाइंग एग्जाम बैचलर डिग्री होगी।
  • अगर किसी छात्र ने डिप्लोमा पूरा करने के बाद बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (दूसरे साल में लेटरल एंट्री) पूरी की है, तो बैचलर डिग्री में मिले अंकों का प्रतिशत ही गिना जाएगा।
  • केवल उन उम्मीदवारों को ही चयन के पहले दौर में छात्रवृत्ति देने के लिए चुना जाएगा, जिनके पास साल 2025 के लिए उपलब्ध लेटेस्ट QS विश्व विश्वविद्यालय रैंकिंग के अनुसार, टॉप 500 रैंक वाले विदेशी संस्थानों/विश्वविद्यालयों से प्रवेश का बिना शर्त प्रस्ताव (unconditional offer) हो।

यह भी पढ़ें- BC-EBC School Admission 2026: गरीब छात्राओं के लिए राहत, बिहार के 39 स्कूलों में 10 अप्रैल तक दाखिले का मौका

महिलाओं के लिए 30% सीटें रिजर्व

हर साल स्कॉलरशिप की 30% सीटें महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित होंगी। हालांकि, अगर योजना के प्रावधानों के अनुसार पर्याप्त महिला उम्मीदवार उपलब्ध नहीं होती हैं, तो उन खाली सीटों पर योग्य पुरुष उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। इस स्कॉलरशिप के तहत हर साल लगभग 125 छात्रों को चुना जाएगा, जिसमें से लगभघ 37 सीटें महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित होंगी। चुने गए छात्र दुनिया की जानी-मानी यूनिवर्सिटीज में पोस्टग्रेजुएट और डॉक्टोरल प्रोग्राम कर सकेंगे।
कैटेगरी वाइज सीटें

  • अनुसूचित जातियां – 115
  • विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू जनजातियां – 06
  • भूमिहीन कृषि श्रमिक और पारंपरिक कारीगर – 04
  • कुल सीट – 125

लाभार्थियों के लिए शर्तें

इस स्कीम की शर्तों के अनुसार, चुने गए छात्रों को अपनी पढ़ाई पूरी करने के 30 दिनों के अंदर भारत लौटना होगा और कम से कम एक साल तक देश में ही रहना होगा। इन शर्तों का पालन न करने पर स्कॉलरशिप की रकम ब्याज सहित वापस चुकानी पड़ सकती है।

कैसे करें अप्लाई?

NOS स्कॉलरशिप के लिए मंत्रालय के पोर्टल यानी www.nosmsje.gov.in पर जाकर ऑनलाइन अप्लाई करना होगा। वेबसाइट के होमपेज पर रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करके क्रेडेंशियल जनरेट करें। इसके बाद लॉगइन करके फॉर्म भरें और जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे आवेदन से पहले यहां दिए गए नोटिफिकेशन को ध्यान से पढ़ें। अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट पर नजर बनाए रखें।

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